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पीएम मोदी: मुझे गोली मारनी है तो मार दो, दलित भाइयों पर हमले बंद करो

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 August 2016, 13:51 IST
(ट्विटर)

गुजरात के ऊना में हुई दलितों की बर्बर पिटाई पर एक बार फिर पीएम मोदी ने बयान दिया है. इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को तेलंगाना के गजवेल में कहा, "अगर किसी को हमला करना है तो मुझ पर करे. गोली चलानी है तो मुझ पर चलाए, पर दलित भाइयों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."

गजवेल में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित किया. पीएम ने कहा कि वे दलित भाइयों की जगह पर ‘गोली खाने और हमला झेलने’ के लिए तैयार हैं.

पीएम मोदी ने इस दौरान बात पर जोर दिया कि समाज को जाति और समुदाय के आधार पर बंटने नहीं दिया जाना चाहिए. भावुक अपील करते हुए मोदी ने लोगों से कहा कि वे दलितों की रक्षा और सम्मान करें, क्योंकि इस वर्ग की समाज द्वारा लंबे समय से उपेक्षा की गई.

'दलितों की रक्षा हमारी जिम्मेदारी'

पीएम ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, "मैं इन लोगों से कहना चाहता हूं कि अगर आपको कोई समस्या है, अगर आपको हमला करना तो मुझ पर हमला करिए.

मेरे दलित भाइयों पर हमला बंद करिए. अगर आपको गोली मारनी है, तो मुझे गोली मारिए, लेकिन मेरे दलित भाइयों को नहीं. यह खेल बंद होना चाहिए."

पढ़ें: रात में गोरखधंधा करते हैं और दिन में गौरक्षा का चोला ओढ़ लेते हैं: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा कि अगर देश को प्रगति करनी है तो शांति, एकता और सद्भाव के मुख्य मंत्र की उपेक्षा नहीं की जा सकती.

पीएम मोदी ने साथ ही कहा, "देश के विकास का मुख्य स्रोत देश की एकता है." उनका यह बयान उस वक्त आया है जब देश के कई हिस्सों में तथाकथित गोरक्षकों की ओर से दलितों और मुसलमानों के खिलाफ हमलों को लेकर एनडीए सरकार को तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा है.

पीएम मोदी ने कहा, "कुछ घटनाएं संज्ञान में आती हैं, तो बहुत दुख होता है. दलितों की रक्षा करना और उनका सम्मान करना हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए. मैं जानता हूं कि यह समस्या सामाजिक है. यह पाप का परिणाम है, जो हमारे समाज में घर कर गया है. परंतु हमें अतिरिक्त सावधानी बरतने और समाज को ऐसे खतरे से बचाने की जरूरत है."

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि समाज को जाति, धर्म और सामाजिक हैसियत के आधार पर बंटने नहीं देना चाहिए.

प्रधानमंत्री ने कहा, "जो लोग इस सामाजिक समस्या का समाधान करना चाहते हैं, उनसे मैं ऐसी राजनीति छोड़ने का आग्रह करता हूं, जो समाज को बांटती हो. विभाजनकारी राजनीति से देश का कोई भला नहीं होगा."

'दिन में गोरखधंधा, रात में गोरक्षक का चोला'

पीएम मोदी ने इससे पहले शनिवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में टाउन हॉल कार्यक्रम के दौरान गोरक्षा की आड़ में दलितों पर हो रहे हमलों को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी थी.

पीएम मोदी ने संवाद के दौरान आखिर में कहा था कि कुछ लोग ऐसे हैं जो रात में गोरखधंधा करते हैं और दिन में गोरक्षकों का चोला ओढ़ लेते हैं. साथ ही पीएम ने राज्य सरकारों से उनके डोजियर तैयार करने को भी कहा था.

First published: 8 August 2016, 13:51 IST
 
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