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फेल हुई PM मोदी की स्मार्ट सिटी योजना! 16603 करोड़ हुए खर्च पर एक भी शहर नहीं बना 'Smart'

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 October 2018, 11:55 IST

प्रधानमंत्री मोदी की अति महत्वकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना फेल होती नजर आ रही है. सत्ता में आने के बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी के स्मार्ट सिटी योजना को लेकर काफी तैयारियां की जा रही थीं. लेकिन हाल ही में दायर हुई एक आरटीआई के जवाब में जो आंकड़ें सामने आए हैं उनसे प्रधानमंत्री मोदी की ये योजना फेल होती दिख रही है. ये आरटीआई वरिष्ठ अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता संतोष कुमार "एडवोकेट" ने दायर की थी.

शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा इस आरटीआई के जवाब कई जानकारियां साझा की गयीं हैं. गौरतलब है कि संतोष कुमार पाठक "एडवोकेट "ने दिनांक 16- 5- 2018 को प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली से स्मार्ट सिटी के बारे में पांच बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी .

दायर आरटीआई में संतोष कुमार ने प्रधानमंत्री कार्यालय से ये सवाल पूछे-

1- केंद्र सरकार द्वारा कितने शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का निर्णय लिया गया है ?
2-किन- किन कार्यों के पूरा हो जाने पर वह शहर स्मार्ट सिटी कहलाएगा ?
3- स्मार्ट सिटी बनाने के प्रस्तावित मानक क्या हैं?
4- अब तक कितने शहरों के स्मार्ट सिटी बनाया जा चुका है ?
5- किन किन विकास कार्यों को शहरों में किया गया जा चुका है ?
6-इन शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने में भारत सरकार ने कितनी धनराशि अब तक खर्च की हि?
7-यह शहर कब तक स्मार्ट सिटी बन पाएंगे ?
8- अब तक कितनी धनराशि स्मार्ट सिटी के लिए दी जा चुकी है?
9- स्मार्ट सिटी योजना में अब तक कितनी राशि खर्च हो चुकी हैं?
इस आरटीआई के जवाब में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सीपीआईओ/अवर सचिव ॥ संजय शर्मा ने दिनांक 16-5-2018 को बताया, ''स्मार्ट सिटी का जहां तक संबंध है शहरी कार्य मंत्रालय के नियंत्रणाधीन उपरोक्त योजना चलाई जा रही है ,100 शहरों को सरकार द्वारा स्मार्ट शहरों के रूप में विकसित करने के लिए 25 जून 2015 को स्मार्ट सिटी मिशन शुरू किया गया था , अभी तक 99 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने हेतु चयनित किया गया है .''

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पत्रिका डॉट कॉम की खबर के अनुसार जनवरी 2018 तक स्मार्ट सिटी के लिए चार दौरे पूरे होने पर 9 शहरों और मिलाया गया जिसके बाद कुल मिलाकर 99 शहरों को स्मार्ट सिटी मिशन के तहतसेलेक्ट किया गया. पूरी आरटीआई में अब तक इस योजना में खर्च हुए पूरे धन की जानकारी मिली है.

आरटीआई के जवाब में बताया गया, '' 2015 -16 में 1496.20 करोड रुपए ,2016-17 में 4598.50 करोड रुपए, 2017-18 में 4509.50और 2018-19 में 6000 करोड़ रुपए यानि 15जून 2018तक कुल 16603 करोड़ रुपए भारत सरकार द्वारा भारत के शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए दिए गए.

इतनी धन राशि खर्च होने के बाद भी लेकिन अब तक कोई भी शहर स्मार्ट सिटी नहीं बन पाया .पूरी आरटीआई में एक भी स्मार्ट सिटी के बन जाने का कोई भी ब्यौरा नहीं दिया गया है. प्रधानमंत्री के शहर वाराणसी के लिए भी 10111 करोड रुपए स्मार्ट शहर हेतु दिए गए,लेकिन वाराणसी भी अभी तक स्मार्ट सिटी नहीं बन पाया है.

 

First published: 18 October 2018, 11:50 IST
 
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