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संसद में राहुल के बयान पर पीएम मोदी बोले, 'आखिरकार भूकंप आ ही गया'

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 February 2017, 14:02 IST
(साभारः लोकसभा टीवी)

लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस में हिस्सा लेते हुए मंगलवार को विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए जमकर हमला बोला. पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर कहा कि आखिरकार भूकंप आ ही गया. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि आखिरकार भूकंप आ ही गया. जब कोई SCAM में भी सेवा और नम्रता का भाव देखता है तो धरती माता भी रूठ जाती है और भूकंप आता है. हालांकि भूकंप प्रभावित इलाकों में हर तरह की मदद पहुंचाई जा रही है. 

आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा कि इस देश का सारा लोकतंत्र एक परिवार को ही सौंप दिया गया. यह लोकतंत्र और जनशक्ति की ही कृपा है कि एक गरीब मां का बेटा प्रधानमंत्री बन सका.

कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खडगे के तंज का जवाब देते हुए मोदी बोले कि हमारी परंपरा कुत्तो वाली नहीं है. बता दें कि खडगे ने संसद में कहा था कि गांधी परिवार के लोगों ने देश के लिए जान दी जबकि संघ परिवार से एक कुत्ता भी नहीं आया.

कांग्रेस को जवाब देते हुए पीएम बोले उन्हें लगता है कि आजादी सिर्फ एक परिवार ने दिलाई है, यही समस्या है. हमें आजादी की लड़ाई में हिस्सा लेने का मौका नहीं मिला लेकिन हम देश के लिए जी तो सकते हैं.

इस बार बजट को पूर्व की ही तरह न पेश कर क्यों जल्दी पेश किया गया इस बारे में बताते हुए पीएम बोले कि भारत एक कृषिप्रधान देश है, हमें खेती का हाल दिवाली तक पता चल जाता है. इसलिए बजट हड़बड़ी में पेश नहीं किया जाना चाहिए. पहले रेल आवागमन का मुख्य साधन था, आज ऐसा नहीं है. इसलिए इस बार हमने रेल बजट अलग से पेश नहीं किया.

नोटबंदी पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि आपने नोटबंदी पर सदन में चर्चा इसलिए नहीं की क्योंकि आपको लगता था कि मोदी को फायदा हो जाएगा. आपको टीवी पर बाइट देने में इंट्रेस्ट था, चर्चा करने में नहीं. 2014 से पहले सदन में आवाज आती थी कि स्कैम में कितना गया, अब आवाज आती है मोदी कितना लाया. यही तो बदलाव है.

एक सवाल के जवाब में मोदी ने मल्लिकार्जुन खडगे से पूछा, आपको यह ज्ञान कब हुआ कि काला धन सोने और हीरों में होता है? आपने पहले करप्शन और काले धन के खिलाफ कोई कदम क्यों नहीं उठाया?

आप चाहे कितने भी बड़े राजनीतिक दल से क्यों न हों, आपको गरीब का हक लौटाना होगा. मैं अब पीछे नहीं लौटूंगा, मैं गरीबों की लड़ाई लड़ रहा हूं. आपको जवाब देना होगा. आपको चुनाव का डर था इसलिए आप काले धन के खिलाफ फैसला नहीं ले पाए. हमें चुनावों की नहीं देश की चिंता है, इसलिए हम कड़े नियम लेकर आए. आप लोगों में से कई ने चार्वाक के सिद्धांत को अपना मंत्र बना लिया है कि जब तक जियो मजे करो, ऋण लेकर घी पियो. 

वे आगे बोले कि स्वच्छ भारत की तरह ही नोटबंदी से देश में करप्शन का सफाया होगा. 

उन्होंने पूछा कि क्या कारण रहा जो MNREGA जैसे लोकप्रिय कार्यक्रम के नियमों में 1035 बार परिवर्तन करना पड़ा? देश जानना चाहता है. आगे बोले कि आज अचानक बदलाव नहीं आया है, योजनाबद्ध तरीके से लाया जा रहा है और इस दिशा में भगीरथ प्रयास किए जा रहे हैं. मेरे फैसलों से बड़े-बड़े लोगों की तकलीफ हो रही है इसलिए मुझ पर जुल्म होंगे और मैं उन्हें सहने के लिए तैयार हूं.

पहले मुख्यमंत्री यूरिया के लिए केंद्र को चिट्ठी लिखा करते थे। पिछले दो सालों से किसी CM को इसके लिए चिट्ठी नहीं लिखनी पड़ी. राष्ट्रपति जी ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव कराने का आह्वान किया है. हमें इस पर गंभीरता से सोचना होगा. हमेशा कोई न कोई चुनाव चलता रहता है, पढ़ाई और पैसे का नुकसान होता है. सुरक्षाबलों को चुनावों में तैनात रहना पड़ता है.

सर्जिकल स्ट्राइक पर नेताओं की आलोचना पर पीएम मोदी बोले अपने सीने पर हाथ रखकर पूछिए, नेताओं ने सर्जिकल स्ट्राइक के बाद कैसे-कैसे बयान दिए थे लेकिन जब देखा कि जनता का मूड दूसरा है तो उन्हें अपने बयान बदलने पड़े. लोग मुझसे पूछते हैं कि नोटबंदी के फैसले को गुप्त क्यों रखा. सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में कोई नहीं पूछता.

First published: 7 February 2017, 14:02 IST
 
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