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Ram Mandir Bhoomi Pujan: राम जन्मभूमि परिसर में पारिजात का पौधा लगाएंगे पीएम मोदी, जानिए क्या है इसका खास महत्व

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 August 2020, 10:21 IST

PM Modi to plant 'Parijaat' sapling: बुधवार को अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) का निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) 'भूमि पूजन' (Ram Mandir Bhoomi Pujan) करेंगे और कहा जा रहा है कि इससे पहले पीएम मोदी मंदिर परिसर में पारिजात (Parijaat) का पौधा लगाने वाले हैं. पारिजात के पौधे का एक विशेष महत्व भी है और इसको हरसिंगार के नाम से भी जाना जाता है. हिंदु धर्म में इस वृक्ष का अपना एक महत्व होता है. हालांकि, यह पौधा जिस तरीके से यह पौधा लगाया जाएगा, जो इसे अद्वितीय बनाता है.

पीएम मोदी को पारंपरिक प्राकृतिक ड्रिप सिंचाई विधि का उपयोग करने की संभावना है, जो पौधे की जड़ों के समानांतर पानी से भरे एक अनजाने मिट्टी के बर्तन को रखकर प्राप्त किया जाता है, जिससे शुभ 'पारिजात' का पौधा रोपण करते समय लगभग एक सप्ताह तक पानी उपलब्ध होता है.


प्रधान मंत्री ने, पहले जुलाई में, इस अनूठी पद्धति का एक उदाहरण साझा किया था जो पहले से ही गुजरात के कुछ हिस्सों में प्रचलित है, जहां पानी की कमी है. इससे पहले, महंत राजकुमार दास ने 5 अगस्त के लिए लाई गई गतिविधियों की सूची बताते हुए कहा था कि 'भगवान श्री रामलला विराजमान' की पूजा में हिस्सा लेने के बाद प्रधानमंत्री द्वारा 'पारिजात' का पौधा लगाया जाएगा. 

पारिजात पौधे का अपना विशेष महत्व भी है. पारिजात के फूल को भगवान हरी पर चढ़ाया जाता है. इसी कारण इसे हरसिंगार के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि पारिजात को छूने भर से व्यक्ति की थमान मिट जाती है. पारिजात के वृक्ष की ऊंचाई करीब 10 से 13 फीट की होती है और इसमें बड़ी मात्रा में फूल खिलते हैं. एक दिन में आप इसके कितने भी फूल तोड़ ले अगले दिन फिर उसी मात्रा में फूल खिले मिलते हैं. पारिजात के फूल की खास विशेषता यह भी है कि यह सिर्फ रात में खिलता है और सुबह होते ही इसके सारे फूल झड़ जाते हैं.

मान्यता है कि पारिजात का फूल लक्ष्मी देवी को काफी पंसद है. लक्ष्मी पूजा के दौरान उन्हीं फूल का इस्तेमाल किया जाता है जो अपने आप टूटकर गिर जाते हैं. एक मान्यता यह भी है कि माता सीता अपने वनवास के दिनों में इन्हीं फूलों से अपना श्रृंगार करती थीं.

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First published: 5 August 2020, 10:00 IST
 
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