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मोदी के शपथ ग्रहण में शामिल होंगे BIMSTEC के नेता, पाकिस्तान के साथ इस देश से भी बनाई दूरी

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 May 2019, 8:23 IST

लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मिली अप्रत्याशित जीत के बाद एक बार फिर से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. पीएम मोदी 30 मई को दोबारा से प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. मोदी का शपथ ग्रहण इस बार पहले से भव्य होगा और इसके लिए बिम्सटेक समूह के सभी नेताओं को आमंत्रित किया गया है. सरकार ने पड़ोसी देशों को महत्व देते हुए 'पड़ोसी प्रथम' नीति के तहत बिम्सटेक नेताओं को आमंत्रित किया है. हालांकि मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में इस बार पाकिस्तान और मालदीव को निमंत्रण नहीं दिया गया है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वर्तमान अध्यक्ष एवं किर्गिस्तान के राष्ट्रपति और मारीशस के प्रधानमंत्री को भी शपथ ग्रहण समारोह में आने के लिए आमंत्रित किया गया है. मॉरीशस के प्रधानमंत्री इस साल प्रवासी भारतीय दिवस पर मुख्य अतिथि थे.मॉरीशस के साथ अपने प्रगाण संबंधों को दर्शाते हुए भारत ने उसे आमंत्रित किया है.

पाक और मालदीव को क्यों नहीं दिया आमंत्रण

पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के लिए बिम्सटेक के सभी नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है. पाकिस्तान और मालदीव को छोड़कर बिम्सटेक में सार्क के अन्य सभी देश शामिल हैं. सरकार पाकिस्तान से आतंकवाद के मसले पर तनाव के बाद से सार्क के विकल्प के तौर पर बिम्सटेक को प्रोत्साहित कर रही है.

साल 2016 में उरी की घटना के बाद पाकिस्तान में आयोजित सार्क सम्मेलन रद्द होने के बाद से सार्क की बैठक दोबारा नहीं हुई. हालांकि साल 2014 में नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण में समारोह में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को निमंत्रण दिया गया था और वह मोदी के शपथ ग्रहण में शामिल भी हुए थे. बिम्सटेक में भारत के अलावा बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल और भूटान भी शामिल हैं.

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First published: 28 May 2019, 8:18 IST
 
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