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PMC बैंक में ऐसे हुआ घोटाला, HDIL को दिए लोन को छिपाने के लिए खोले थे 21000 से ज्यादा फर्जी खाते

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 October 2019, 10:11 IST

पंजाब एंड महाराष्ट्र कोपरेटिव बैंक में हुए घोटाले की सच्चाई अब सामने आने लगी है. इस घोटाले को छिपाने के लिए बैंक अधिकारियों ने 21000 से अधिक खाते खोले थे, जिनमें से बड़ी संख्या में फर्जी खाते थे जो मृतक लोगों के नाम से खोले गए थे. इस बात का खुलासा मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने अपनी जांच के दौरान किया है.

PMC बैंक के अधिकारियों ने HDIL को दिए गए लोन को छिपाया के लिए कुल 21049 फर्जी खाते खोले थे. सूत्रों के मुताबिक, आरबीआई को मार्च 2018 में जिन लोन अकाउंट्स की डिटेल्स दी गई उनमें से अधिकतम या तो मृतकों के नाम पर थे या फिर उनके नाम पर थे जिन्होंने अपने खाते बंद कर दिए थे.

बैंक अधिकारियों ने घोटाले को छिपाने के लिए 45 दिनों के अंदर ही 21000 से अधिक फर्जी खाते खोले और इनकी डिटेल्स आरबीआई को सौंप दी थी. बैंक अधिकारियों ने इस में बड़ी गलती ये की, कि इन फर्जी खातों में दी गई रकम की जानकारी HDIL और उसकी ग्रुप कंपनियों को दिए गए लोन से काफी कम निकली. ये 21049 खाते कोर बैंकिंग सिस्टम में नहीं बनाए गए थे, बल्कि इन्हें एडवांस मास्टर इंटेंड एंट्री के रूप में आरबीआई के सामने पेश किया गया था.

भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी शुरुआती जांच में पाया कि HDIL के 44 में से सिर्फ 10 खाते सही थे, अब रिजर्व बैंक बाकी बचे खाता धारकों की पहचान करने में लगी है. सूत्रों का कहना है कि, स्कैम का बैंक के रिजर्व पर काफी बुरा असर पड़ा है. इसके चलते फंड्स की कमी 3000 करोड़ से ज्यादा की हो सकती है. यही नहीं जबतक आरबीआई अपना मूल्यांकन पूरा करती है तब तक ये और बढ़ सकता है.

जानिए क्या है पूरा मामला?

पंजाब एंड महाराष्ट्र कोपरेटिव बैंक पर नॉन परफॉर्मिंग एसेट और लोन वितरण के बारे में आरबीआई को गलत जानकारी देने का आरोप है. इस मामले में बैंक के चेयरमैन एस वरयाम सिंह को मुंबई की आर्थिक अपराध शाखा ने बीते शनिवार को हिरासत में ले लिया. वहीं बैंक के निलंबित प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस को मुंबई की एक अदालत ने 12 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

जॉय थॉमस ने बताया था कि बैंक द्वारा दिए गए लोन का करीब 73 फीसदी हिस्सा सिर्फ एक कंपनी हाउिसंग डेवलपमेंट ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर (HDIL) को दिया गया. ये घोटाला सामने आने के बाद रिजर्व बैंक ने PMC पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी. आरबीआई ने यह कार्रवाई बैंकिग रेलुगेशन एक्ट, 1949 के सेक्‍शन 35ए के तहत की. जिसके तहत बैंक में कोई नया फिक्‍स्ड डिपॉजिट अकाउंट नहीं खुल सकेगा. इसके अलावा बैंक के नए लोन जारी करने पर भी रोक लगा दी गई है.

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First published: 6 October 2019, 10:11 IST
 
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