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आयुष्मान भारत हेल्थ स्कीम से लाखों लोगों को फायदा, 68% लोगों को प्राइवेट अस्पताल में मिला इलाज

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 November 2018, 16:12 IST

मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के आंकड़े विभाग ने जारी किए हैं. इन आंकड़ों ने केंद्र सरकार को काफी राहत दी हैं क्योंकि बहुत कम समय में ही इस योजना से बड़ी संख्या में लोगों को बेहतर इलाज मुहैया कराया गया है. इस बीमा योजना का लाभ लगभग 2.3 लाख देशवासियों को मिला है जिनमें से करीब 68 प्रतिशत का में इलाज प्राइवेट हॉस्पिटल मिला है.

मोदीकेयर के नाम से भी प्रसिद्ध प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत करीब 10 करोड़ 74 लाख गरीब वंचित परिवारों के 50 करोड़ लोगों को 5 लाख सालाना तक के कैशलेस हेल्थ केयर में लाने का लक्ष्य रखा गया है वो भी उनके द्वारा चुने बेहतर सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल्स में बिना एक रुपये का भुगतान किए हुए.

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सरकार द्वारा आवंटित पैसे से चलने वाली इस हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम को इसी साल 23 सितंबर को लांच किया गया था. नेशनल हेल्थ एजेंसी (NHA) की ओर से जारी डेटा के अनुसार अबतक इस योजना में 2 लाख 32 हजार लोगों मो मुफ्त मेडिकल सुविधाएं दी गई है.

नेशनल हेल्थ एजेंसी की आंकड़ों के मुताबिक सामान्य सर्जरी, नेत्र रोग, स्त्री रोग, मुंह और चेहरे से जुड़ी बीमारियों की सर्जरी सहित अन्य समस्याओं के लिए लोगों ने अपने सुविधानुसार निजी व सरकारी अस्पतालों में इलाज कराया है. सिर की चोटों के इलाज से जुड़ी सर्जरी भी बड़ी संख्या में कराया गया है यानि इस हेल्थ स्कीम तहत ऐक्सिडेंट संबंधित मामलों के भी क्लेम सामने आए हैं.

ये आंकड़े इस वजह से भी काफी मत्वपूर्ण है क्योंकि स्कीम के शुरुआती दौर में प्राइवेट अस्पतालों ने नेशनल हेल्थ एजेंसी द्वारा तय किए गए कम कीमत के पैकेज को लेकर चिंता जताई थी इससे अनुमान लगाया जा रहा था कि इस स्कीम के लिए निजी हॉस्पिटल दिलचस्पी नहीं दिखाएंगे.

NHA के मुताबिक अबतक 55482 अस्पतालों ने इस स्कीम के तहत पैनल में शामिल होने के लिए आवेदन किया है इनमें से 15000 अस्पतालों को या तो पैनल में शामिल कर लिया गया है या प्रोसेस में है. इसमें लगभग 8000 प्राइवेट हॉस्पिटल हैं. आयुष्मान भारत के डेप्युटी चीफ एक्जिक्यूटिव दिनेश अरोड़ा ने कहा है कि कॉस्टिंग की समस्या बड़े शहरों खासकर दिल्ली और अन्य मेट्रो सिटी में है जहां इलाज महंगा है.

First published: 18 November 2018, 16:12 IST
 
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