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पीएमओ पर एयर इंडिया का करोड़ों का बकाया, कब चुकता होगा?

विशाख उन्नीकृष्णन | Updated on: 5 January 2017, 8:18 IST
(एएफपी)

केंद्रीय सूचना आयोग ने 3 जनवरी को प्रधानमंत्री कार्यालय को एक सुझाव दिया है. यह सुझाव प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर आने वाले खर्च की भुगतान प्रक्रिया को बदलने के बारे में है. मामला एयर इंडिया के बिल के भुगतान में होने वाले विलंब से जुड़ा हुआ है.

दरअसल केंद्रीय सूचना आयोग एक्टिविस्ट कमोडोर (रिटायर्ड) लोकेश बत्रा की एक आरटीआई पर सुनवाई कर रहा है. बत्रा ने सूचना मांगी थी कि प्रधानमंत्री की हवाई यात्राओं पर कितना खर्च आता है. इस मुद्दे पर केंद्रीय सूचना आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय दोनों की दलीलें सुनीं. इस आरटीआई में बत्रा ने कहा था कि उनका सवाल खर्च से ज्यादा भुगतान में लगने वाली देरी से है. बत्रा ने सवाल पूछा था कि जब एयर इंडिया इस कदर घाटे में चल रहा है तो फिर उसके भुगतान में इतनी देरी क्यों होती है.

बत्रा का सवाल था कि यह करदाताओं का पैसा है जिस पर आप जमाखोरी कर रहे हैं. भुगतान में देरी होने के लिए कोई व्यावहारिक कारण नहीं है, और यह मामला व्यापक जनहित का है.

केंद्रीय सूचना आयोग ने पीएमओ से पूछा कि वह यह बताए कि उसे भुगतान के लिए कब संबंधित पत्र मिला और कब पिछली कुछ यात्राओं के अंतिम भुगतान किए गए. जिससे यह अंदाज लगाया जा सके कि इस पूरी प्रक्रिया में कितना वक्त लगता है और पीएमओ को प्रधानमंत्री की यात्राओं के भुगतान में कितना समय लगता है.

समस्या की गंभीरता की ओर इशारा करते हुए बत्रा कहते हैं कि अगर देश के प्रधानमंत्री कार्यालय का यह हाल है तो इसकी पूरी संभावना है कि कुछ अन्य मंत्रियों-अधिकारियों ने भी अपना बिल नहीं चुकाया हो. लेकिन जैसा कि बत्रा कहते हैं कि आरटीआई अधिनियम में केंद्रीय सूचना आयोग को सिर्फ अनुशंसा करने का अधिकार है. अंतिम आदेश के लिए अभी हमें इंतजार करना होगा.

कितना बकाया है एयर इंडिया का

बत्रा को अपनी आरटीआई के जवाब में जो जानकारी पिछले दिनों मिली है उसके अनुसार, जून 2014 तथा सितंबर 2016 के बीच में प्रधानमंत्री की सभी यात्राओं के बिल या तो "अंडर प्रॉसेस" हैं या भुगतान ही नहीं किए गए हैं. बत्रा की एक और आरटीआई में मिले जवाब के अनुसार, मार्च 2014 से लेकर दिसंबर 2015 के बीच प्रधानमंत्री की यात्राओं पर आए 134 करोड़ रुपये के बिल का भुगतान अब भी प्रधानमंत्री कार्यालय पर बकाया है. इस बिल में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों की विदेश यात्राओं के बिल शामिल हैं.

बत्रा को मिली जानकारी के अनुसार एयर इंडिया को 29 जनवरी 2016 को 147.90 करोड़ का एकमुश्त भुगतान प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त हुआ था. इसमें दोनों प्रधानमंत्रियों की सितंबर 2013 से लेकर नवंबर 2014 के बीच की गई विदेश यात्राओं के बिल शामिल हैं. लेकिन इस अवधि के बीच का भी कुछ भुगतान नहीं किया गया!

बत्रा की आरटीआई का ब्योरा

केंद्रीय सूचना आयुक्त ने अक्टूबर 2015 में पीएमओ को निर्देश दिए थे कि वह प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का विवरण प्रस्तुत करे. तब पीएमओ ने निजी सुरक्षा का हवाला देते हुए यह जानकारी देने से मना कर दिया था.

इसके बाद मुख्य सूचना आयुक्त राधा कृष्ण माथुर ने पीएमओ को निर्देश दिए थे कि पीएमओ प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के विवरण को देखे और यह सुनिश्चित करे कि क्या इसमें सचमुच कुछ प्रधानमंत्री की सुरक्षा संबंधी संवेदनशील सूचनाएं हैं!

इसके बाद बत्रा ने सूचना आयोग के समक्ष दलील दी थी कि ये मुद्दा व्यापक जनहित का है और हजारों करदाताओं के पैसे से जुड़ा हुआ है. यह पैसा एयर इंडिया का चुकाया जाना है, जिसमें और देरी नहीं होना चाहिए.

First published: 5 January 2017, 8:18 IST
 
विशाख उन्नीकृष्णन @sparksofvishdom

A graduate of the Asian College of Journalism, Vishakh tracks stories on public policy, environment and culture. Previously at Mint, he enjoys bringing in a touch of humour to the darkest of times and hardest of stories. One word self-description: Quipster

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