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जानबूझकर कर्ज नहीं चुका रही माल्या की कंपनी यूबी-होल्डिंग्स

अभिषेक पराशर | Updated on: 26 February 2016, 15:24 IST
QUICK PILL
  • पंजाब नेशनल बैंक ने माल्या के नियंत्रण वाली कंपनी यूबी होल्डिंग (यूनाइटेड ब्रेवरीज़ होल्डिंग्स) को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया है. बैंक का कहना है कि कंपनी जानबूझकर 800 करोड़ रुपये के कर्ज का भुगतान नहीं कर रही है.
  • पीएनबी से पहले भारतीय स्टेट बैंक विजय माल्या और किंगफिशयर एयरलाइंस को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर चुकी है. किंगफिशर एयरलाइंस अब बंद हो चुकी है.

किंगफिशर एयरलाइंस के बाद विजय माल्या की एक और कंपनी को बैंक ने विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया है. माल्या के नियंत्रण वाली कंपनी यूबी होल्डिंग्स को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने विलफुल डिफॉल्टर करार दिया है. 

विलफुल डिफॉल्टर उसे कहा जाता है जो बैंक या बैंकों के समूह से कर्ज लेने के बाद जानबूझकर कर्ज को लौटाता नहीं है जबकि उसके पास कर्ज चुकाने की क्षमता होती है.

पीएनबी का कहना है कि माल्या के नियंत्रण वाली कंपनी जानबूझकर 800 करोड़ रुपये के कर्ज का भुगतान नहीं कर रही है. बैंक ने यह कर्ज किंगफिशर एयरलाइंस को दिया था जो अब बंद हो चुकी है. 

चुनौती देगी कंपनी

पीएनबी की तरफ से यूबी होल्डिंग्स को डिफॉल्टर घोषित किए जाने के बाद बंबई स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी का शेयर 14 फीसदी तक टूट गया. माल्या और यूबी होल्डिंग्स ने किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए 6,900 करोड़ रुपये के कर्ज की गारंटी दी थी. किंगफिशयर एयरलाइंस ने 2010 में 17 बैंकों के समूह से यह कर्ज लिया था. 

यूबी होल्डिंग्स का कहना है कि वह पंजाब नेशनल बैंक के फैसले के खिलाफ अपील की योजना बना रही है

यूबी होल्डिंग्स ने पीएनबी की तरफ से विलफुल डिफॉल्टर घोषित किए जाने के फैसले को चुनौती देने का फैसला किया है. बीएसई को दी गई सफाई में कंपनी ने कहा, 'कंपनी इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी और फिलहाल वह इस मामले में कानूनी सलाहकारों बातचीत कर रही है.'

माल्या के लिए यह दूसरा बड़ा झटका है. नवंबर 2015 में भारतीय स्टेट बैंक ने माल्या, किंगफिशर एयरलाइंस और यूबी होल्डिंग्स को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया था. एसबीआई के नेतृत्व में बैंकों का समूह विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस की संपत्ति को नीलाम करने की तैयारी कर चुका है. एयरलाइंस पर करीब 8,000 करोड़ रुपये का बकाया है और कंपनी ने 2013 के बाद कर्ज का भुगतान बंद कर रखा है.

नवंबर 2015 में भारतीय स्टेट बैंक माल्या, किंगफिशर एयरलाइंस और यूबी होल्डिंग्स को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर चुकी है

विशेषज्ञों की माने तो बैंकों की रिकवरी की प्रक्रिया आसान नहीं होगी और सबसे ज्यादा नुकसान एसीबाआई को होगा. मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में एसबीआई के मुनाफे में 67 फीसदी की कमी आई है. बैंक का मुनाफा घटकर 1,259 करोड़ रुपये हो चुका है. दिसंबर तिमाही में एसबीआई का एनपीए 5327.51 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,644.52 करोड़ रुपये हो चुका है. 

एनपीए पर सख्त सुप्रीम कोर्ट

बैंकों के बढ़ते एनपीए को लेकर बढ़ रहे दबाव का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि एक पीआईएल की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आरबीआई को उन लोगों के नाम बंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपने के लिए कहा जिनके ऊपर 500 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है. 

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने बैंकिंग सिस्टम में बढ़ रहे एनपीए को लेकर चिंता जताई है. कोर्ट ने कुछ मामलों में जानबूझकर अनियमितता बरते जाने का भी इशारा किया है.

एसबीआई को अभी तक किंगफिशर ट्रेडमार्क का खरीदार नहीं मिला है. वहीं कंपनी अदालत में यह साफ कर चुकी है कि उसके पास कर्ज चुकाने की क्षमता नहीं है. गुरुवार को यूबी होल्डिंग का शेयर 11.23 फीसदी टूटकर 20.15 रुपये पर बंद हुआ. इसका असर माल्या की दूसरी कंपनियों पर भी देखने को मिला. बीएसई में यूनाइटे ब्रेवरीज़ का शेयर 2 फीसदी टूटकर 787.20 रुपये पर बंद हुआ. 

First published: 26 February 2016, 15:24 IST
 
अभिषेक पराशर @abhishekiimc

चीफ़ सब-एडिटर, कैच हिंदी. पीटीआई, बिज़नेस स्टैंडर्ड और इकॉनॉमिक टाइम्स में काम कर चुके हैं.

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