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दिल्ली-NCR में फिर बढ़ा प्रदूषण का कहर, दो दिनों के लिए बंद किए गए स्कूल

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 November 2019, 9:05 IST

दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर से प्रदूूषण खतरनाक स्तर को पार कर गया है. राजधानी में प्रदूषण फिर आपात श्रेणी के कगार पर पहुंच गया है. वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इस पर की गई सुनवाई के दौरान कहा कि वाहनों को अब पेट्रोल के बजाय हाइड्रोजन आधारित जापानी तकनीक लाने पर विचार किया जा रहा है.

चीफ जस्जिस रंजन गोगोई व जस्टिस एमए बोबडे की पीठ ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि दिल्ली समेत उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ चुका है कि लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है. कोर्ट ने केंद्र को आदेश देते हुए कहा कि वह नई तकनीक के बारे में विस्तृत जानकारी लेकर 3 दिसंबर तक इसका जवाब दे.

वहीं प्रदूषण रोधी समिति ईपीसीए ने कहा है कि दिल्ली में अगले दो दिन तक स्कूलों को बंद रखा जाए. साथ ही इस समिति ने लोगों को जहां तक संभव हो, बाहर जाने से बचने और घर में रहकर काम करने की सलाह दी. वहीं पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण ने दिल्ली-NCR में 'हॉट-मिक्स प्लांट्स' और 'स्टोन-क्रशर' पर लगे प्रतिबंध को भी 15 नवंबर तक बढ़ा दिया.

बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी चार नवंबर को अगले आदेश तक दिल्ली-एनसीआर में निर्माण और विध्यंस गतिविधियों पर रोक लगा दी थी. इसके अलावा दिल्ली के स्कूलों में बाहरी गतिविधियों को बुधवार को स्थगित कर दिया गया. बता दें कि पिछले 15 दिनों में तीसरी बार मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों ने शहर में प्रदूषण के स्तर को आपातकालीन स्तर तक पहुंचा दिया है. प्रदूषण के चलते दिल्ली सरकार ने नवंबर के शुरु में स्कूलों को चार दिनों के लिए बंद कर दिया था.

बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ ही हवा की गुणवत्ता ‘आपात’ श्रेणी के नजदीक पहुंच गई. पिछले 15 दिन में दूसरी बार प्रदूषण का इतना प्रकोप देखने को मिल रहा है. बुधवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 454 रहा, वहीं, फरीदाबाद में 436, गाजियाबाद में 468, ग्रेटर नोएडा में 459, गुड़गांव में 450 और नोएडा में 469 रहा. वायु प्रदूषण गुणवत्ता सूचकांक के मुताबिक, वायु की गुणवत्ता का स्तर 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बेहद खराब, 401 से 500 के बीच गंभीर और 500 से ऊपर गंभीरतम श्रेणी में माना जाता है.

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First published: 14 November 2019, 9:05 IST
 
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