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दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण, पब्लिक हेल्थ स्वास्थ्य इमरजेंसी घोषित

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 November 2019, 14:19 IST

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पब्लिक हेल्थ स्वास्थ्य इमरजेंसी घोषित किया है. अदालत ने 5 नवंबर तक निर्माण गतिविधि पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. गुरुवार रात से प्रदूषण का स्तर गंभीर स्तर से अधिक हो गया है. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शहर गैस चैंबर में बदल गया है.

सेंटर-रन सिस्टम ऑफ़ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च, या SAFAR ने पीएम 2.5 को 533 से ज्यादा दर्ज किया. पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण के अध्यक्ष भूरे लाल ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली के मुख्य सचिवों से कहा, "हमें इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल के रूप में लेना होगा क्योंकि वायु प्रदूषण का सभी पर, विशेष रूप से हमारे बच्चों पर प्रतिकूल स्वास्थ्य प्रभाव पड़ेगा."

 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दोपहर 12 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 476 पर था.  बोर्ड 24 घंटे के औसत को मापता है. वायु यह खराब गंभीर श्रेणी है. ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के अनुसार, ऑड-इवन इमरजेंसी ज़ोन में अगर हवा की गुणवत्ता बनी रहती है तो ऑड-ईवन रोड रोडिंग, ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध, निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए.  इस योजना में ऐसे मामलों में स्कूलों को बंद करने का भी सुझाव दिया गया है. हालांकि अभी तक ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है.

केजरीवाल ने प्रदूषण में वृद्धि के लिए पड़ोसी राज्यों में फसल जलाने को जिम्मेदार ठहराया है और लोगों से मास्क का उपयोग करने का आग्रह किया है. बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के लिए अपनी सरकार को दोषी ठहराने के लिए आम आदमी पार्टी के नेता की आलोचना की थी. उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल अपनी सरकार की विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे थे. 

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First published: 1 November 2019, 14:11 IST
 
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