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दिल्ली एनसीआर में खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण, पटाखों ने और बढ़ा दी परेशानी

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 October 2019, 9:30 IST

दिवाली के मौके पर दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर से खतरनाक स्तर पर जा पहुंचा. इसमें सबसे ज्यादा योगदान पटाखों ने निभाया. राजधानी दिल्ली में दिवाली पर जमकर पटाखे छोड़े गए जिसके चलते प्रदूषण का स्तर और बढ़ गया है. प्रदूषण के चलते हर ओर धुंध छाई हुई है. लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है और आंखों में जलन भी महसूस हो रही है. दिल्ली में नगर निगम ने प्रदूषण रोकने के लिए फॉगिंग की है. बावजूद इसके दिल्लीवालों ने जमकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाईं.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर पटाखा छोड़ने के लिए दो घंटे की सीमा तय की थी, लेकिन लोगों ने इसके अलावा कई घंटों तक पटाखे छोड़े. जिसकी वजह से दिल्ली की हवा में पटाखों की तेज आवाज के साथ जहरीला धुंआ और राख घुल गई. पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक समेत कई इलाकों में तो वायु गुणवत्ता का स्तर गंभीर स्तर को पार गया है. वहीं पूरी दिल्ली में वायु की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ स्तर पर पहुंच गई.

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, आरके पुरम, सत्यवती कॉलेज, पटपड़गंज में एयर क्वालिटी इंडेक्स 999 पर पहुंच गया है. बता दें कि रविवार को दिन में प्रदूषण का स्तर 313 पर पहुंच गया था. उसके बाद दोपहर को एयर क्वालिटी इंडेक्स और भी खराब हो गया. दिल्ली में दोपहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 341 पर पहुंच गया. उसके बाद रविवार रात करीब 11 बजे दिल्ली के लोधी रोड इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक 306 पहुंच गया.

एयर क्वालिटी इंडेक्स के आंकड़ों के अनुसार, मथुरा रोड इलाके में खराब श्रेणी में क्रमशः 257 और 249 पर रहा. आंकड़ों के मुताबिक, मथुरा रोड इलाके में पीएम-10 का स्तर 2.5 दर्ज किया गया. वहीं नोएडा और गुरुग्राम में भी वायु गुणवत्ता खराब स्तर पर पहुंच गई. हरियाणा के गुरुग्राम के एनआईएसई ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 279 पर पहुंच गया. जबकि नोएडा के सेक्टर-62 क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 356 को पार कर गया.

सरकारी एजेंसियों के मुताबिक, सोमवार की सुबह 6:30 बजे दिल्ली की औसत वायु गुणवत्ता का स्तर 327 पर पहुंच गया. जबकि शनिवार को यह 302 था. सरकार की वायु गुणवत्ता निगरानी संस्था ‘सफर’ ने दिवाली की रात पटाखे जलाने, मौसम में बदलाव और पराली जलाने की वजह से दिल्ली की औसत वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंचने की आशंका जताई है.

आंकड़ों के मुताबिक दिन में आनंद विहार में पीएम-10 का स्तर 515 दर्ज किया गया. वहीं वजीरपुर और बवाना में पीएम-2.5 का स्तर 400 के पार चला गया. राजधानी स्थित 37 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 25 ने वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की. दिल्ली के नजदीकी शहरों फरीदाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और नोएडा में रविवार रात 11 बजे वायु गुणवत्ता का स्तर क्रमश: 320, 382, 312 और 344 रहा. बता दें कि पिछली साल दिवाली के मौके पर दिल्ली में वायु गुणवत्ता का स्तर सुरक्षित सीमा से 12 गुना अधिक 600 तक पहुंच गया था.

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First published: 28 October 2019, 9:10 IST
 
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