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देशभर में 1 लाख अध्यापकों के पद खाली, सबसे टॉप पर BJP शासित हरियाणा : RTI

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 February 2020, 12:23 IST

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एक आरटीआई के जवाब में बताया है कि पूरे देश में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में (कक्षा एक से आठवीं) एक लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली हैं. कहा गया है कि 23.5 प्रतिशत खाली पदों के साथ हरियाणा ने सबसे ख़राब प्रदर्शन किया है. इसके बाद पंजाब और चंडीगढ़ में 10.1 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 4.4 प्रतिशत पद खाली हैं.

जम्मू-कश्मीर में जहां 7 प्रतिशत रिक्तियां हैं, वहीं राजस्थान में 11.7 प्रतिशत रिक्तियां हैं. प्राथमिक स्कूलों में सबसे ज्यादा पांच खाली पदों वाले राज्यों में भी हरियाणा शामिल है. सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में खाली पड़े शिक्षकों के चार्ट में 43.9 प्रतिशत पदों के साथ उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है. सूची में उत्तर प्रदेश के बाद झारखंड, बिहार, दमन और दीव और हरियाणा का स्थान है.

 

इन राज्यों की अच्छी स्थिति

गोवा, ओडिशा और सिक्किम सर्वश्रेष्ठ राज्य हैं जहां शिक्षकों के कुल स्वीकृत पदों के मुकाबले शिक्षकों के एक भी पद खाली नहीं हैं. नागालैंड और मिजोरम में भी दो प्रतिशत से भी कम पद हैं. यह जानकारी स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, मानव संसाधन और विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने होशियारपुर स्थित सामाजिक कार्यकर्ता जय गोपाल धीमान द्वारा आरटीआई आवेदन के जवाब में दी है.

उत्तर प्रदेश में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के कुल 8,79,691 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 4,94,114 भरे हुए हैं और 3,85,577 (43.9 प्रतिशत) पद खाली पड़े हैं. बिहार में स्वीकृत 5,92,541 पदों में से 34.5 प्रतिशत पद (2,03,934 पद) भरे गए हैं. आंकड़ों से यह भी पता चला है कि कुल 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) में से केवल एक दर्जन राज्य और केंद्रशासित प्रदेश हैं जिनमें 10 प्रतिशत से कम पद खाली हैं.

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First published: 13 February 2020, 11:06 IST
 
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