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प्रद्युम्‍न हत्‍याकांड: आरोपी छात्र नाबालिग लेकिन मुकदमे के लिए होगा बालिग

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 December 2017, 14:50 IST

प्रद्युम्‍न हत्‍याकांड मामले में नया मोड़ आ गया है. जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने इस मामले में बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है. जुवेनाइल बोर्ड ने बुधवार को आदेश दिया कि प्रद्युम्‍न की हत्या के आरोपी छात्र पर बालिग के तौर पर केस चलाया जाए. जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने सीबीआई और आरोपी छात्र के वकीलों की दलीलों के बाद ये बड़ा फैसला सुनाया.

प्रद्युम्न की हत्या के आरोपी छात्र की उम्र 16 साल है. बालिग की तरह केस चलने पर आरोपी छात्र को उम्रकैद से लेकर फांसी की सजा हो सकती है. प्रद्युम्न के परिवार के वकील ने बताया कि सुनवाई के बाद जुवेनाइल बोर्ड ने आरोपी छात्र पर बालिग की तरह केस चलाने का आदेश दिया. अब आरोपी छात्र को 22 दिसंबर को गुरुग्राम के सेशन कोर्ट में पेश होने को कहा गया है.

जुवेनाइल बोर्ड के फैसले पर प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने न्यायपालिका का धन्यवाद अदा किया है. उन्होंने कहा हमें मालूम था कि ये यात्रा लंबी होगी पर हम अपने बच्चे और कमजोर बच्चों को आखिर में इंसाफ दिलाकर ही रहेंगे. प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने याचिका लगाई थी कि उनके बेटे की हत्या के आरोपी छात्र को बालिग मानकर उसके खिलाफ केस चलाया जाए क्योंकि उसने जघन्य अपराध किया है.

8 सितंबर को हुई थी प्रद्युम्न की हत्या

गुरुग्राम के रायन इंटरनेशल स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा दो के छात्र प्रद्युम्न की बीते 8 सितंबर को बाथरूम में गला काटकर नृशंस हत्या कर दी गई थी. इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने कंडक्टर अशोक कुमार को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था. पुलिस का कहना है कि कुमार ने बच्चे का शोषण करने की कोशिश की, जिसमें विफल रहने पर उसने बच्चे की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी. लेकिन बाद में वह अपने बयान से पलट गया था और उसने फंसाने की बात की.

सीबीआई के हाथ में केस आने के बाद सीबीआई ने हरियाणा पुलिस की थ्योरी को खारिज कर दिया था. केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने खुलासा किया कि प्रद्युम्न की हत्या उसके स्कूल में पढ़ने वाले 11वीं के छात्र ने की थी. सीबीआई का दावा है कि आरोपी छात्र पीटीएम और एग्‍जाम टालना चाहता था. सीबीआई का कहना था कि आरोपी छात्र ने कुछ दिनों पहले अपने दोस्‍त को बताया था कि वह एग्‍जाम को टलवा देगा. 

गौरतलब है कि प्रद्युम्न के माता-पिता शुरु से ही पुलिस की जांच पर सवाल उठा रहे थे. प्रद्युम्न के माता-पिता और स्कूल के अन्य अभिवावको के भारी दबाव के बीच हरियाणा सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआइ को सौंप दी थी. सीबीआई को जांच सौंपने के बाद आए इस नए मोड़ ने गुरुग्राम पुलिस की जांच पर भी सवाल उठा दिए हैं.

First published: 20 December 2017, 14:50 IST
 
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