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राष्ट्रपति ने दिलाई राज्यपालों को संविधान की शुचिता की याद

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 February 2016, 22:11 IST

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पिछले कुछ दिनों से राज्यपालों की भूमिका और उनके फैसलों पर उठे विवादों के बीच मंगलवार को राज्यपालों के दो दिवसीय सम्मेलन में कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोग संविधान की शुचिता का ख्याल रखें. 

प्रणब मुखर्जी ने दो राज्यपालोंं के दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि 'हमारा देश आजादी के बाद मजबूत से मजबूत होता गया है. हमारे संविधान में शामिल सिद्धांतों के दृढ़तापूर्वक पालन की वजह से ही यह संभव हो सका है. हमारा संविधान एक चिरस्थायी दस्तावेज है जो हमारी आकांक्षाओं और उन्हें समावेशी तरीके से प्राप्त करने के लिए एक विस्तृत रूपरेखा को दर्शाता है'.

राष्ट्रपति ने कहा, 'संवैधानिक पदों पर बैठे हम सभी लोगों का देश और संविधान के प्रति दायित्व है कि हम अपने इस पवित्र ग्रंथ की पवित्रता को हमेशा बरकरार रखें.'

हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में लगे राष्ट्रपति शासन के मामले में राज्यपाल जेपी राजखोवा की भूमिका को देखते हुए राष्ट्रपति की यह टिप्पणी काफी अहमियत रखती है.

केंद्र सरकार ने राज्यपाल राजखोवा की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए केंद्र सरकार ने अरुणाचल की कांग्रेस सरकार को बर्खास्त करके राष्ट्रपति शासन लगा दिया था. मालूम हो कि इस विवादित मामले में सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा है.

राष्ट्रपति ने इस मौके पर कहा कि 'केंद्र सरकार के मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्मार्ट सिटी मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रमों को प्रभावी तौर पर लागू करने के लिए इन्हें राज्य सरकारों के साथ समन्वय बनाते हुए चलाना होगा. अपने राज्यों के संवैधानिक प्रमुख होने के नाते राज्यपालों को इन योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू कराने में प्रेरणादायी भूमिका निभानी चाहिए.'

दो दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के राज्यपालों और उप-राज्यपालों ने भाग लिया.

First published: 9 February 2016, 22:11 IST
 
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