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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, डॉ. भूपेन हजारिका और नानाजी देशमुख को मिला भारत रत्न

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 January 2019, 9:08 IST

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तीन हस्तियों को भारत रत्न देने का ऐलान किया है. भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न सम्मान से नवाजा जाएगा. वहीं असम के प्रख्यात संगीतकार डॉ. भूपेन हजारिका और नानाजी देशमुख को मरणोपरांत भारत रत्न दिया जा रहा है. बता दें, देश में भारत रत्न सम्मान देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. ये सम्मान उन लोगों को ही प्राप्त होता है जिन्होंने राष्ट्र के लिए असाधारण सेवा प्रदान की हो.

जानकारी के अनुसार ऐसा बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न मिलने की घोषणा के बाद उनसे फ़ोन साल के जरिये बात की. इस बारे में प्रणब मुखर्जी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ''भारत के लोगों के प्रति विनम्रता और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मैं इस महान सम्मान को स्वीकार करता हूं. देशवासियों ने मुझे शुभकामनाएं दीं. मैंने हमेशा कहा है और मैं दोहराता हूं कि मैंने अपने महान देश के लोगों को जितना दिया है, उससे अधिक मुझे मिला है.''

 

कौन हैं भूपेन हजारिका

असम के सुप्रसिद्ध गीतकार, संगीतकार, गायक, कवि और फिल्म-निर्माता के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुके भूपेन हजारिका को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया जाएगा. असम और पूर्वोत्तर भारत के संस्कृति और लोक संगीत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में हजारिका का महत्वपूर्ण योगदान है.

उन्होंने हिंदी सिनेमा के माध्यम से पूरे देश में असम के लोक संगीत और संस्कृति को पेश किया था. हजारिका को 1975 में सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1987), पद्मश्री (1977), और पद्मभूषण (2001) से सम्मानित किया गया था.


कौन हैं नानाजी देशमुख

चंडिकादास अमृतराव देशमुख को नानाजी देशमुख के नाम से भी लोकप्रिय हैं. नानाजी देशमुख आरएसएस के वरिष्ठ नेता और एक सामाजिक कार्यकर्ता थे. उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में काम किया. बता दें, भारत रत्न से पहले उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है.

 

बता दें, भारत रत्न देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है जिसके शुरुआत साल 1954 में तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी. भारत रत्न सम्मान देश में राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है. इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है. शुरूआती समय में ये सम्मानमरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं था लेकिन 1995 में इस प्रावधान को बदल कर भारत रत्न मरणोपरांत देन शुरू किया गया.

First published: 26 January 2019, 7:47 IST
 
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