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प्रणव पांड्या का राज्यसभा की सदस्यता से इनकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 May 2016, 13:16 IST

एक दिन पहले राज्यसभा के लिए मनोनीत गायत्री परिवार के प्रमुख डॉक्टर प्रणव पांड्या ने राज्यसभा की सदस्यता लेने से इनकार कर दिया है.

राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए डॉक्टर पांड्या ने कहा कि उनके पास वक्त की कमी है, इसलिए वो राज्यसभा की जिम्मेदारियों को नहीं उठा सकते है.

पांड्या ने कहा कि प्रस्ताव पर उन्होंने सोचा था कि वो सदन से गायत्री परिवार के संदेश को पूरे देश में फैला सकते हैं, लेकिन राज्यसभा की कार्यशैली देखकर उन्हें लगा कि वो अपनी बात सही तरह से नहीं रख पाएंगे.

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अमित शाह को किया था मना


पांड्या का इस मामले में कहना है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मुझे अपने घर बुलाकर कहा था. मैं उन्हें उसी वक्त मना करके आ गया था. इसके बाद अमित शाह ने शांति कुंज के कार्यकर्ताओं से बात की.

पांड्या ने कहा, "उनकी ओर से मेरे पास बार-बार संदेश आया कि प्रधानमंत्री चाहते हैं मैं राज्यसभा जाऊं. अगर पढ़े लिखे लोग नही आएंगे, तो कौन आएगा? इस मामले में मुझे आधिकारिक संदेश मिला कि आपको नॉमिनेट कर दिया गया है."

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इसके आगे पांड्या का कहना था कि मैंने प्रधानमंत्री के कहने पर प्रस्ताव को स्वीकार किया था. इसके बाद गुरुवार को करीब 1000 फोन किए.

'आत्मग्लानि के बाद फैसला'


लोगों ने मुझसे पूछा कि आप कल तक जिनके साथ सम्मानपूर्वक बैठते थे. राज्यसभा में जाने के बाद आप उन्हीं के चरणों में बैठ रहे हैं. इसके बाद मुझे आत्मग्लानि हुई और मैंने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जी को चिट्ठी लिखकर सदस्यता लेने से मना कर दिया.

पंड्या ने कहा कि मेरा जीवन अध्यात्म का जीवन है और मेरा यह सोचना है कि मैं राज्यसभा में जाकर ऐसा नहीं कर पाता. अगर गायत्री परिवार से जुड़े लोग देखेंगे कि मैं राज्यसभा में हूं तो शायद गलत प्रभाव जाए.

पांड्या ने कहा कि आज राजनीति का स्तर इतना गिर गया है कि मैं उसके बारे में कुछ भी नहीं कहना चाहता.

पीएम से मांगी माफी

वहीं पांड्या ने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके 30 साल के मित्रतापूर्ण संबंध हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि आज की परिस्थितियां ऐसी नहीं है कि राज्यसभा में जाकर बैठा जाए.

पांड्या ने कहा, "मैं यह बात मानता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे अंदर कुछ योग्यता देखी होगी, इसलिए उन्होंने मुझे लाने का फैसला लिया. लेकिन मैं अपना नाम वापस लेने के लिए उनसे क्षमा चाहता हूं."

First published: 6 May 2016, 13:16 IST
 
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