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प्रीति राठी तेजाब कांड में दोषी अंकुर पंवार को सजा-ए-मौत

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:47 IST
(फाइल फोटो )

मुंबई सेशंस कोर्ट ने चर्चित प्रीति राठी तेजाब कांड में दोषी अंकुर पंवार को मौत की सजा दी है. इससे पहले मुंबई सेशंस कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ए एस शेंदे ने मंगलवार को अंकुर को दोषी करार दिया था.

26 साल के आरोपी अंकुर पंवार को तेजाब कांड में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) और धारा 326बी (जानबूझ कर तेजाब फेंकना) के तहत दोषी पाया था.

मई 2013 की घटना

मामले की सुनवाई के दौरान प्रीति के पिता अमर सिंह राठी और विशेष लोक अभियोजक उज्जवल निकम ने अंकुर पंवार के लिए सजा-ए-मौत की मांग की थी. प्रीति के पिता अमर राठी कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं.

वहीं पंवार की मां ने मंगलवार को मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि उनके बेटे को मामले में फंसाया गया है. उन्होंने कहा, "हम गरीब हैं इसलिए हमें फंसाया गया. मैं मामले की सीबीआई जांच की मांग करती हूं."

पढ़ें: प्रीति राठी तेजाब कांड: अंकुर पंवार दोषी करार, पिता ने मांगी मौत की सजा

गौरतलब है कि दिल्ली निवासी प्रीति पर होटल मैंनेजमेंट से स्नातक पंवार ने मई 2013 में तेजाब फेंका था. इसके बाद प्रीति के महत्वपूर्ण अंगों ने काम करना बंद कर दिया था और अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी.

मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर फेंका था तेजाब

23 साल की प्रीति कोलाबा नौसेना अस्पताल 'आईएनएस अश्विनी' में स्टाफ नर्स के रूप में नौकरी शुरू करने 2 मई 2013 को मुंबई पहुंची थी.

आरोपों के मुताबिक मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर अंकुर ने प्रीति पर तेजाब फेंक दिया था. तेज़ाब से प्रीति का गला और फेफड़े बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए थे. प्रीति की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. इस तेजाब कांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया.

वारदात के करीब एक साल बाद अंकुर को गिरफ्तार किया गया था. अंकुर ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया था कि उसने जलन की भावना से प्रीति पर तेजाब फेंका था.

First published: 8 September 2016, 3:52 IST
 
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