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सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण वाले बिल को राष्ट्रपति कोविंद की मंजूरी, जानिए किसे मिलेगा लाभ

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 January 2019, 8:33 IST

सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने वाले बिल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूरी दे दी है. इसी के साथ दस फीसदी आरक्षण देने वाला बिल कानून बन गया है. इससे पहले ये बिल लोकसभा और फिर राज्यसभा में भी पारित हुआ था. बता दें कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मोदी सरकार ने ये सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए सरकारी नौकरी और शिक्षण संस्थानों में 10 फीसदी आरक्षण देने का एलान किया था.

पीएम मोदी ने बिल पास होने के बाद ट्वीट कर इसे ऐतिहासिक क्षण बताया. उन्होंने कहा कि यह सामाजिक न्याय की जीत है. संविधान संशोधन को मंजूरी के बाद राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. बता दें कि यह संभवत: पहला मौका है जब किसी संविधान संशोधन विधेयक को दो दिन में संसद के दोनों सदनों में पारित कराया गया हो.

वहीं सदन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने विधेयक पेश करते हुए कहा, कि इससे सभी उच्च जातियों और सभी धर्मों के गरीब लोगों को रोजगार और शिक्षा में लाभ मिलेगा.

सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण वाले बिल की शर्ते

वे गरीब परिवार जिनकी सालाना आमदनी 8 लाख रुपये से कम हो. साथ ही वो गरीब जिनका घर 1,000 वर्ग फीट से बड़ा ना हो. वहीं म्यूनिसिपिटी एरिया में 100 वर्ग गज से बड़ा घर नहीं होना चाहिए. वे किसान जिनके पास 5 एकड़ या इससे कम खेती की जमीन हो. नॉन नोटिफाइड म्यूनिसिपल एरिया में 200 गज से बड़ा घर ना होने वाले गरीब सवर्ण इस आरक्षण के तहत फायदा मिलने के हकदार होंगे.

बता दें कि इस विधेयक के तहत सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने का प्रस्ताव किया गया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7 जनवरी को इसे मंजूरी दी थी.

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First published: 13 January 2019, 8:10 IST
 
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