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राष्ट्रपति ने खारिज की 7 खून करने वाले प्रेमी जोड़े की दया याचिका, होगी फांसी

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 August 2016, 17:12 IST
(एजेंसी)

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अमरोहा में हुए सात खून के मसले में फांसी की सजा पाये एक प्रेमी जोड़े की दया याचिका को खारिज कर दिया है. इससे पहले राज्यपाल भी इस मामले में माफी याचिका को खारिज कर चुके हैं.

बताया जा रहा है कि यूपी के अमरोहा की शबनम ने अपने प्रेमी के साथ अपने ही परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी थी. जिसके बाद उसे फांसी की सजा सुनाई गई.

कोर्ट से फांसी की सजा पाने के बाद शबनम ने अपने डेथ वारंट के खिलाफ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से दया की गुहार लगाई थी. जिसे राष्ट्रपति द्वारा रिजेक्‍ट कर दिया गया है.

वहीं इससे पहले शबनम की दया याचिका को सितंबर में यूपी के गवर्नर राम नाईक ने भी रिजेक्‍ट कर दिया था. शबनम ने अपने मासूम बच्चे का वास्ता देकर राज्यपाल और राष्ट्रपति से माफी की गुहार लगाई थी.

यह हत्याकांड उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के बावनखेड़ी गांव का है. जहां 14 अप्रैल 2008 की रात को शबनम अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने सात माह के भतीजे समेत परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी.

इन सात लोगों में मां-बाप, दो भाइयों, दोनों भाभियों, फुफेरी बहन और सात महीने के भतीजा भी शामिल था. दरअसल सलीम और शबनम एक-दूसरे से प्रेम करते थे और विवाह करना चाहते थे. लेकिन शबनम के परिवार ने इस रिश्ते पर कड़ा विरोध जताया था.

हत्याकांड के बाद शबनम ने शुरुआत में पुलिस के सामने यह जाहिर किया कि उसके घर पर अज्ञात हमलावरों ने हमला किया था और उन्होंने इस हत्याकांड को अंजाम दिया, लेकिन जांच के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि इस हत्याकांड के पी​छे शबनम का ही हाथ है.

शबनम ने पहले अपने परिवार के सदस्यों को दूध में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया दिया और अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर हत्या कर दी.

जिस समय यह वारदात हुई थी, उस दौरान शबनम प्रेगनेंट थी. गिरफ्तारी के बाद उसने जेल में ही अपने बेटे को ताज मोहम्मद को जन्म दिया था.

फांसी की सजा पाने के बाद शबनम अब इसी बेटे का वास्ता देकर राज्यपाल और राष्ट्रपति से माफी की गुहार लगाई थी. जिसे पहले राज्यपाल ने और बाद में राष्ट्रपति के द्वारा खारिज कर दिया.

First published: 22 August 2016, 17:12 IST
 
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