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डीडीसीए जांच: जांच अधिकारी पर था वीआईपी को फंसाने का दबाव

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 January 2016, 15:18 IST

दिल्ली सरकार के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी और डीडीसीए के जांच अधिकारी रहे चेतन बी सांघी ने दिल्ली सरकार पर रिपोर्ट में एक विशेष व्यक्ति का नाम शामिल करने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है. केंद्रीय गृह सचिव को लिखी एक चिठ्टी में सांघी ने कहा है कि उन पर दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) घोटाले की जांच में एक खास वीआइपी का नाम शामिल करने के लिए दबाव डाला जा रहा है. लिहाजा वे केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जाना चाहते हैं.

सांघी ने अपने ऊपर पड़ रहे इस तरह के दबाव के कारण केंद्र में अपनी प्रतिनियुक्त किये जाने की मांग की है. 28 दिसंबर को गृह सचिव को लिखे अपने पत्र में सांघी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन दिल्ली विधानसभा में भाजपा नेता और विपक्षी विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के नेता राहुल मेहरा जांच रिपोर्ट में अरुण जेटली का नाम डालने के लिए चेतन सांघी पर दबाव डाल रहे थे.

गुप्ता ने कहा था कि आप सरकार ने मेहरा को कहा था कि वे जांच रिपोर्ट में किसी भी सूरत में अरुण जेटली का नाम शामिल करवाएं. सांघी ने गृह सचिव को लिखे अपने पत्र में कहा है कि सतर्कता विभाग के प्रमुख होने के नाते उन्हें 12 नवंबर को डीडीसीए की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई. जांच समिति में अन्य सदस्य के तौर पर खेल और शिक्षा विभाग के सचिव पुण्य एस श्रीवास्तव और दिल्ली सरकार के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल राहुल मेहरा भी शामिल थे.

विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि आप नेता राहुल मेहरा रिपोर्ट में जेटली का नाम डालने के लिए सांघी पर दबाव डाल रहे थे

उन्होंने लिखा है कि डीडीसीए में अनियमितताओं की जांच करते हुए तीन दिनों में जांच रिपोर्ट का सारांश सरकार को सौंपा गया. इस रिपोर्ट में डीडीसीए में सुधार के लिए कई बातों का उल्लेख किया गया था. सांघी ने आरोप लगाया है कि मामले को विवादास्पद बनाने के लिए उन पर कई लोगों से दबाव बनाया गया था. सांघी ने अपने पत्र में लिखा है कि बहुत से पूर्व क्रिकेटर डीडीसीए में फैले कुप्रबंधन को लेकर मुखर थे साथ ही मीडिया में भी कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे थे. खासतौर पर एक वीआइपी का नाम शामिल करने पर अधिक दबाव था.

सांघी ने लिखा है कि मेरे रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद दिल्ली में हुए एक टैस्ट मैच की मेजबानी का मामला अदालत पहुंच गया. मैं अपने काम पर लग गया. लेकिन अचानक एंटी करप्शन ब्यूरो ने मेरे खिलाफ दो मामले दर्ज करा दिए. ये मामले 2010 से 2012 में दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन के सीएमडी के तौर पर मेरे कार्यकाल में हुई कुछ अनियमितताओं को लेकर थे.

इस दौरान मीडिया में राजनीतिक दलों ने आरोप लगाए कि यह कार्रवाई प्रतिशोध के तौर पर की गई है. सांघी ने अपने पत्र में दबाव को लेकर केंद्र की प्रतिनियुक्ति पर जाने की इच्छा जाहिर की है. सांघी इस समय छुट्टी पर चल रहे हैं. संजीव सहाय के बाद दिल्ली सरकार में चेतन सांघी दूसरे बड़े अधिकारी हैं, जो हाल ही के विवाद में आप सरकार के निशाने पर आए हैं. फरवरी 2015 में अरविंद केजरीवाल सरकार बनने के बाद बहुत से अधिकारियों से सरकार का विवाद हुआ.

First published: 12 January 2016, 15:18 IST
 
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