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128 मार्ग पर सस्ती होगी विमान सेवा, 2500 रुपये में मिलेगा हवार्इ टिकट

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 March 2017, 16:46 IST
Spicejet Airlines

उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत सरकार देश के छोटे शहरों में विमानन सेवा का विस्तार करने के लिए वित्तीय सहायता देगी. केंद्र सरकार इस काम के लिए 205 करोड़ रुपये देगी. भारत सरकार ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना 'उड़ान' शुरू की है.

वहीं, उड्डयन सचिव आरएन चौबे ने कहा कि उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान) योजना के तहत पहली फ्लाइट अगले महीने से शुरू हो जाएगी. उन्होंने कहा, 'उम्मीद करते हैं कि अगले महीने से पहली रीजनल फ्लाइट शुरू हो जाएगी.'

सरकार ने बताया कि 5 एयरलाइंस कंपनियों की ओर से दााखिल 27 प्रस्तावों का चयन किया गया है. ये कंपनियां देशभर के 128 रूटों को जोड़ेंगी. ये विमानन कंपनियां हैं. इनमें एयर इंडिया की अनुषंगी एयरलाइन अलाइड सर्विसेज, स्पाइसजेट, एयर डेक्कन, एयर ओडिशा और टबरे मेघा शामिल हैं. 

ये विमानन कंपनियां इन मार्गों पर 19 से 78 सीटों के विमानों का इस्तेमाल करेंगी. उड़ान के जरिये जिन हवाई अड्डों को जोड़ा जाएगा उनमें बठिंडा, पुडुचेरी तथा शिमला भी शामिल हैं. इस योजना के तहत सरकार और 31 हवाई अड्डों से उड़ान सेवा शुरू करेगी.

उड़ान योजना के तहत सरकार हर व्यक्ति को 2,500 रुपये में एक घंटे की हवाई यात्रा का टिकट देने की घोषणा कर चुकी है.

कानपुर से वाराणसी के बीच सितंबर में एयर ओडिशा की उड़ान शुरु होगी जबकि कानपुर से दिल्ली के लिए स्पाइसेजट की सेवा अगस्त में और एयर ओडिशा की सेवा सितंबर में शुरू होगी. एय़रलाइन कंपनियों का कहना है कि नर्इ व्यवस्था शुरू करने में चुनौतियां तो हैं, लेकिन कारोबार बढ़ने की भारी संभावनाएं भी. 

देश में हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. फरवरी में करीब 85 लाख लोगों ने हवाई सफर किया, वहीं 2016 के दौरान करीब 10 करोड़ लोगों ने सफर किया.

वैसे तो हवाई यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी की दर 23 फीसदी से भी ज्यादा है, लेकिन 131 करोड़ की आबादी वाले देश में महज 10 करोड़ हवाई यात्री, काफी कम लगते हैं. इसीलिए अब सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग हवाई सफर करें और उड़ान की योजना इसी मकसद से शुरू की गर्इ है. 

First published: 30 March 2017, 16:46 IST
 
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