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प्रियंका गांधी: मेरी हैसियत नहीं कि 53,421 रुपए महीने का किराया दूं

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 April 2016, 17:55 IST

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार से पॉश लुटियन जोन में किराया कम कराने के लिए सिफारिश की थी.

प्रियंका गांधी वाड्रा ने 14 साल पहले साल 2002 में तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार से घर का किराया कम करवाया था.

प्रियंका गांधी को किराए में संशोधन के बाद 53,421 रुपए महीने का घर 8,888 रुपए महीने के हिसाब से आवंटित किया गया, क्योंकि उन्होंने कहा था कि उनकी हैसियत हर महीने 53,421 रुपए बतौर किराया चुकाने की नहीं है.

वर्तमान में प्रियंका लोधी स्टेट के टाइप VI सरकारी बंगले में रहती हैं. इसके लिए वो हर महीने 31,300 रुपए चुकाती हैं.

प्रियंका गांधी के अलावा पंजाब के पूर्व डीजीपी केपीएस गिल, ऑल इंडिया एंटी-टेरेरिस्ट फ्रंट के नेता एमएस. बिट्टा भी इसी तरह के बंगलों में रहते हैं.

इन लोगों को यह बंगले सुरक्षा के मद्देनजर दिए गए हैं. गिल और बिट्टा भी उतना ही किराया देते हैं, जितना कि प्रियंका गांधी देती हैं.

इस बात की जानकारी एक आरटीआई के जरिए निकली है. नोएडा के रहने वाले देवाशीष भट्टाचार्य ने अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्ट्री से यह जानकारी मांगी थी.

आरटीआई से मिले जवाब के मुताबिक प्रियंका ने 7 मई 2002 को एनडीए सरकार को चिट्ठी लिखी थी और कहा था कि पूर्व निर्धारित किराया प्रतिमाह 53,421 हजार रुपए अदा करना उनकी हैसियत के बाहर है, क्योंकि यह बहुत ज्यादा है.

उस चिट्ठी में प्रियंका ने यह भी लिखा कि उन्होंने यह बंगला एसपीजी की गुजारिश पर लिया है और इस बंगले का एक भाग एसपीजी ही इस्तेमाल करती है.

इस पूरे विवाद के बाद प्रियंका गांधी ने आज एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके अपनी ओर से स्थिति को स्पष्ट करने का प्रयास किया है.

प्रियंका ने इस विज्ञप्ति में कहा कि वो एसपीजी सुरक्षाधारी हैं. उन्हें साल 1996 से एसपीजी कवर मिला हुआ है. वह निजी आवास में रहना पसंद कर रहीं थीं, लेकिन एसपीजी ने सुरक्षा मानकों के कारण उन्हें निजी आवास में रहने से मना कर दिया गया. 

इसके बाद उन्होंने एसपीजी के आधिकारिक तौर पर कहने के बाद केंद्र सरकार से अपने लिए आवास की मांग की.

जब वो सरकार द्वारा आवंटित 3 हजार स्कॉवयर फीट के बंगले में रहने लगीं तो अचानक उसका किराया 90 फीसदी तक बढ़ा दिया गया.

जिसके बाद उन्होंने तत्कालीन एनडीए सरकार को किराए में कमी के लिए चिट्ठी लिखी थी.   

इसके अलावा डायरेक्टरेट ऑफ एस्टेट्स को किराए के साथ अन्य तरह के शुल्कों का भुगतान नियमित तौर पर किया गया है. 

वहीं डायरेक्टरेट ऑफ एस्टेट्स ने इस मामले में बताया कि प्रियंका गांधी को 35, लोधी एस्टेट का बंगला 21 फरवरी 1997 को 19,900 रुपए प्रति महीने के हिसाब से आवंटित किया गया था.

वर्तमान में वह किराये के तौर पर हर महीने 31,300 रुपए चुकाती हैं, जबकि बाजार के हिसाब से इसका किराया 81,865 रुपए महीना बनता है.

First published: 16 April 2016, 17:55 IST
 
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