Home » इंडिया » Psychiatrists said - Increased mental health problems in Kashmir
 

मनोचिकित्सकों ने कहा- जम्मू-कश्मीर में बढ़ी मानसिक स्वास्थ्य से जुडी परेशानियां

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 November 2019, 10:05 IST

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद हटाने के बाद से लोगों के मानसिक स्वास्थ्य की जांच के लिए गई 11 सदस्यीय टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वहां मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बढ़ी हैं. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार दिल्ली स्थित मनोचिकित्सक डॉ. अमित सेन, जो टीम का हिस्सा थे, ने रिपोर्ट में कहा है कि राज्यभर में बच्चों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा है. इस टीम में मानवाधिकार कार्यकर्ता और कानूनी विशेषज्ञ भी शामिल थे.

इन लोगों में 28 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच घाटी का दौरा किया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रासरूट कार्यकर्ता परिवहन और कनेक्टिविटी की कमी के कारण इस तरह के जटिल मामलों से निपटने के लिए बड़े क्षेत्र तक नहीं पहुंच पाए.

डॉ. सेन रिपोर्ट में कहा गया है कि जनसंख्या के 70% (हाल ही में एक सर्वेक्षण के माध्यम से) के रूप में मनोवैज्ञानिक संकट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, हालांकि यह मानसिक स्वास्थ्य विकारों में कैसे परिवर्तित होता है, यह देखा जाना अभी बाकी है. कहा गया है कि "वहां कोई स्कूल नहीं है, कोई दिनचर्या या संरचना नहीं है, कोई मनोरंजन की सुविधा नहीं है.

IIM लखनऊ में होगा रामलीला कॉम्पिटिशन, योगी सरकार देगी फंड : रिपोर्ट

First published: 1 November 2019, 10:05 IST
 
अगली कहानी