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पुलवामा आतंकी हमले के एक साल बाद NIA ने अपनी जांच में क्या-क्या पता लगाया

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 February 2020, 10:36 IST

साल 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा (Pulwama) में हुए आतंकी हमले की पहली बरसी है. जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के इस आत्मघाती हमले में CRPF के 40 जवान मारे गए थे. देश शहीदों को याद किया जा रहा है. इस मौके पर एक स्मारक का उद्घाटन भी किया जायेगा. पिछले साल 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले के बाद से सुरक्षा एजेंसियां और सेना अधिक सतर्क हो गई हैं. 20 वर्षीय जैश आतंकी आदिल अहमद डार ने इस हमले को अंजाम दिया था.

पुलवामा आतंकी हमले के एक साल बाद भी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के पास कुछ खास सबूत हाथ नहीं लग पाए हैं. NIAआत्मघाती हमलावर द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हाई ग्रेड एक्सप्लोसिव के स्रोत का पता नहीं लगा पाई है. जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी आदिल अहमद डार ने 14 फरवरी, 2019 को पुलवामा के पास जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर एक सीआरपीएफ बस में एक कार से टक्कर मार दी थी.

एक रिपोर्ट के अनुसार एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि विस्फोटकों को खुद से नहीं खरीदा जा सकता था क्योंकि यह आम तौर पर सैन्य दुकानों में पाया जाने वाला युद्ध गोला बारूद था." एक फॉरेंसिक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हमले में लगभग 25 किलो प्लास्टिक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था.

रिपोर्ट के अनुसार एनआईए के एक अधिकारी ने कहा कि कार में भरे विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट, नाइट्रो-ग्लिसरीन और आरडीएक्स"थे. इस मामले में NIA चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी क्योंकि सभी प्रमुख संदिग्ध मारे गए हैं. इस हमले के बाद दो मुख्य संदिग्ध-मुदासिर अहमद खान और सज्जाद भट, पिछले साल मार्च और जून में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे.

जैश ए मोहम्मद ने ली थी जिम्मेदारी 

इस हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद ने ली थी. इस हमले के बाद जैश ने एक वीडियो जारी किया था. आतंकी संगठन ने हमलावर की पहचान पुलवामा के काकापोरा निवासी डार के रूप में की, जो 2018 में संगठन में शामिल हुआ था. इस वीडियो में डार एक अत्याधुनिक हथियार ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है.

द हिन्दू की रिपोर्ट है कि सीआरपीएफ ने 2019 पुलवामा हमले की जांच रिपोर्ट साझा करने से इनकार किया है. लेकिन एनआईए का कहना है कि जिस वाहन का इस्तेमाल हमले में किया है वह 2011 में बेचा गया था और हमले से 10 दिन पहले 4 फरवरी को भट ने  खरीदा था. दूसरे संदिग्ध मुदासिर अहमद खान ने विस्फोटकों की व्यवस्था की थी.

वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि वाहन के इंजन ब्लॉक को बरामद नहीं किया जा सका है क्योंकि वह धमाके के बाद नदी में गिर गया है और बह गया है. यह भी कहा गया है कि इस्तेमाल की गई कार इससे पहले कई लोगों को बेचीं गई थी. वाहन चलाने वाला अंतिम व्यक्ति सज्जाद भट था, अगर वह पकड़ा जाता तो कई जानकारियां हाथ लग सकती थी लेकिन वह मुठभेड़ में मारा गया.

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साजिश स्थापित करना मुश्किल

हिन्दू की रिपोर्ट के अनुसार एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इस साजिश को स्थापित करना बेहद मुश्किल है क्योंकि मामले में एकत्र किए गए तकनीकी सबूतों की पुष्टि नहीं की जा सकती है. इस हमले में कोई संदिग्ध जीवित नहीं है. इस बात का पता लगाना भी मुश्किल है कि कार की व्यवस्था कैसे की गई थी.

कार चला रहे आदिल अहमद डार ने विस्फोटकों की खरीद कहां से की थी. एनआईए के एक अधिकारी ने कहा कि डीएनए नमूने कार से निकाले गए थे और आत्मघाती हमलावर की पहचान स्थापित करने और पुष्टि करने के लिए डार के पिता के साथ इसका मिलान किया गया. घटना स्थल पर केवल जले हुए अवशेष पाए जा सकते हैं. जून में गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि पुलवामा हमला "खुफिया विफलता नहीं था.

First published: 14 February 2020, 10:13 IST
 
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