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भारत की आर्थिक नाकाबंदी से सबसे बुरे दौर में पाक रुपया, बर्बादी के कगार पर खड़ा पाकिस्तान

, कैच ब्यूरो | Updated on: 4 March 2019, 15:05 IST

पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत लगातार पाकिस्तान के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रहा है. भारत ने पाकिस्तान से MNF का दर्जा छीन लिया है. भारत ने पाकिस्तान से आयात होने वाले सामानों पर 200 फीसदी शुल्क लगा दिया है. इस कारण पाकिस्तान से भारत आने वाले सामान पर पूरी तरह से रोक लग गई है.

भारत की इस आर्थिक नाकाबंदी से पाकिस्तान के व्यापारी भारत में अपना सामान नहीं बेच पा रहे हैं. जिससे व्यापारियों को रोजाना करीब 100 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है. पाकिस्तान हर साल भारत को करीब 3500 करोड़ रुपए का सामान बेचता है. 

पुलवामा हमले के बाद भारतीय व्यापारियों ने पाकिस्तान को जरूरी सामान भेजने पर रोक लगा दी है. जिससे पाकिस्तान में जरूरत के सामानों की कीमत दोगुने से ज्यादा हो गई है. पाकिस्तान में इस समय टमाटर 150 रुपए प्रति किलो, हरी मिर्च 37 रुपए किलो मिल रही हैं. पाकिस्तान भारत से हरी सब्जी, ड्राई फ्रूट, फ्यूल आदि चीजों को आयात करता है.

पाकिस्तान में इस समय महंगाई दर बढ़कर 8.2 फीसदी हो गई है. MFN का दर्जा खत्म होने के बाद में जरूरी चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं. जिससे महंगाई दर इतनी तेजी से बढ़ी है.

भारत की कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बेरूखी के कारण इस समय पाकिस्तान का रुपया अपने निचले स्तर पर पहुंच गया है. एक डॉलर के मुकाबले इस समय पाकिस्तानी रुपया 139 के पार पहुंच गया है. पाकिस्तान आतंकी फंडिग के कारण इस समय फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट में पहुंच गया है. अगर पाकिस्तान आतंकियों के खिलाफ प्रभावी कदम नहीं उठाता है तो वह ब्लैक लिस्ट में पहुंच सकता है.

आज तमाम अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं पाकिस्तान को ऋण देने से कतरा रही हैं. आज पाकिस्तान का सबसे गहरा दोस्त चीन भी उसकी मदद करने के लिए आगे नहीं आ रहा है. 

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First published: 4 March 2019, 13:12 IST
 
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