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पुलवामा CRPF अटैक: आतंकियों के पास भारी मात्रा में कहां से आया था विस्फोटक, साल भर बाद बड़ा खुलासा

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 May 2020, 13:16 IST

Pulwama Terrorist Attack: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को CRPF के काफिले पर एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे. हमले को सालभर से ज्यादा समय हो गए हैं. अब इस पर एक बड़ा खुलासा हुआ है. सालभर से ज्यादा समय के बाद अब इस बात का खुलासा हुआ है कि आखिर आतंकियों के पास इतनी मात्रा में विस्फोट कहां से आया था.

हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार, सेना के अधिकारियों ने इस पूरी घटना पर बड़ा खुलासा किया है. हमले में इस्तेमाल बारूद की जांच कर रहे सेना के अधिकारियों ने खुलासा करते हुए बताया है कि आतंकियों ने इस भयंकर साजिश को अंजाम देने के लिए कई महीनों से पूरी प्लानिंग की थी. आतंकियों ने बम बनाने के लिए सामान को लेकर छिटपुट चोरी को अंजाम दिया था.

पत्थर की खदानों से चुराई थीं 500 जिलेटिन छड़ें

अधिकारियों के खुलासे के अनुसार, आतंकियों ने बड़ा हमला करने के लिए पत्थर की खदानों से लगभग 500 जिलेटिन छड़े चुराई थीं. इसके अलावा आस-पास की दुकानों से अमोनियम नाइट्रेट और अमोनियम पाउडर को छोटी-छोटी मात्रा में खरीदा था. यह इसलिए किया गया था, जिससे किसी को उनपर शक न हो.

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इसके अलावा आतंकियों ने आरडीएक्स को कई चक्कर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पाकिस्तान से मंगाया था. इस पर खुलासा करते हुए काउंटर इंसर्जेंसी अधिकारी ने जानकारी दी कि जैश-ए-मोहम्मद कमांडर मुदस्सिर अहमद खान (यह 11 मार्च, 2019 को पिंगलिश में मुठभेड़ में मारा गया), समीर अहमद डार (अभी घाटी में जैश का दूसरा कमांडर है), इस्माइल भाई उर्फ लम्बू (अभी कश्मीर में मुख्य जेएम कमांडर है) और शाकिर बशीर माग्रे (यह 28 फरवरी 2020 को NIA द्वारा गिरफ्तार किया गया) ने खादानों से तथा खेव (पुलवामा), त्राल, खुन्नम (श्रीनगर), लेथपोरा और अवंतीपोरा में चट्टानों को तोड़ने वाली कंपनी में इस्तेमाल होने वाली जिलेटिन की छड़ों को कई महीनों में धीरे-धीरे चुराया था.

पाकिस्तान से आया था 35 किलो आरडीएक्स

बता दें कि जिलेटिन की छड़ों में नाइट्रोग्लिसरीन होता है. खुफिया एजेंसियों से बचाने के लिए इसे 5 किलो और 10 किलो की मात्रा में इकट्टठा किया गया था. सेना के अधिकारी ने जानकारी दी कि लगभग 70 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और अमोनियम पाउडर को धीरे-धीरे कर स्थानीय बाजार से ही खरीदा गया था. वहीं 35 किलोग्राम आरडीएक्स को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पाकिस्तान से लाया गया था.

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First published: 26 May 2020, 13:14 IST
 
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