Home » इंडिया » pulwama terror attack ccs meeting chaired
 

Pulwama attack: CCS की बैठक में लिए गए बड़े फैसले, पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा लिया वापस

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 February 2019, 12:17 IST

भारत ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षा बलों पर हुए सबसे घातक आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के मारे जाने के एक दिन भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (MNF) का दर्जा वापस ले लिया है. सुरक्षा समीक्षा बैठक में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकी हमले के पीछे शामिल लोगों को बहुत भारी कीमत चुकानी होगी. 

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार ने पाकिस्तान अलग-थलग  करने के लिए सभी संभव कूटनीतिक कदम उठाने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री आवास के बाहर मीडिया से बात करते हुए जेटली ने कहा, “विदेश मंत्रालय हर संभव राजनयिक कदम उठाएगा. जेटली ने कहा, "भारत इसे लागू करने के लिए सभी देशों के साथ परामर्श करेगा और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ जुड़कर आतंकवाद के खिलाफ उपाय सुनिश्चित करेगा."

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को आतंकियों ने अपनी नापाक हरकतों को अंजाम दिया. इस हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हो गए. वहीं, 45 से अधिक सीआरपीएफ के जवान घायल हुए हैं. इसे अबतक का सबसे बड़ा आंतकी हमला बताया जा रहा है. आतंकियों की इस हरकत से पूरा देश आक्रोशित है.

प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक खत्म हो गई है. इस बैठक के बाद सरकार ने कहा कि  वो इस हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं.

CCS की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा गृहमंत्री राजनाथ, एनएसए अजीत डोभाल और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्य केन्द्रीय मंत्रियों ने हिस्सा लिया. 

शहीद हुए 40 जवान

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में इस हमले में 40 से अधिक जवानों ने अपनी जान गवा दी. वहीं, 45 जवानों की हालत गंभीर बनी हुई है. हमले के बारे में बताया जा रहा है कि CRPF के काफिले पर आतंकियों ने IED ब्लास्ट किया. IED ब्लास्ट करने के बाद आतंकियों ने फायरिंग भी की. इस काफिले में 24 सौ से अधिक जवान थे, जो जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहे थे. आतंकियों ने दो बसों को अपना निशाना बनाया.

PM मोदी ने कहा, बलिदान नहीं जाएगा व्यर्थ

पुलवामा हमके के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'पुलवामा में सीआरपीएफ कर्मियों पर हमला घृणित है. मैं इस नृशंस हमले की कड़ी निंदा करता हूं. हमारे बहादुर सुरक्षाकर्मियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. पूरा देश बहादुर शहीदों के परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है. घायल जल्दी ठीक हों.'

उरी से भी बड़ा हमला

बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले को उरी हमले से भी बड़ा हमला बताया जा रहा है. साल 2016 के  18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में हुए आतंकी हमले में 18 जवान शहीद हो गए थे, जिसके बाद सर्जिकल स्ट्राइक करके आतंकियों से बदला लिया गया था.

First published: 15 February 2019, 8:06 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी