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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने की पुलवामा अटैक की कड़ी निंदा, जैश का किया जिक्र

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 February 2019, 11:18 IST

पुलवामा हमले की पूरे देश में कड़ी निंदा हो रही है. अमेरिका से लेकर फ्रांस ने इस हमले की निंदा की. अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्य देशों ने भी इस हमले की निंदा की. खास बात तो ये है कि UNSC द्वारा जारी इस बयान में चाइना ने भी साइन  किया.

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले को UNSC सदस्यों ने कायराना हरकत बताई. बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में CRPF के 40 से अधिक जवान शहीद हो गए. वहीं, कई जवान घायल हो गए. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली.

भारत के प्रस्ताव पर UNSC के P5 देशों और 10 अस्थाई सदस्यों ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का जिक्र करते हुए इस हमले की कड़ी निंदा की. सबसे बड़ी बात है कि इसमें चीन भी शामिल है. UNSC के सदस्य देशों ने शहीद जवानों के परिजनों और घायल जवानों के प्रति गहरी सहानुभूति और सांत्वना जाहिर की है. UNSC सदस्य देशों द्वारा हमले में घायल हुए जवानों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. इन देशों ने इस के खिलाफ जोर देते हुए कहा कि आतंकवाद किसी भी रूप में हो, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ये वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है.

सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि आतंकवाद के साजिशकर्ताओं, आयोजकों और फंड देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा जो लोग और संगठन ऐसे कारनामों के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें इंसाफ के कठघरे में खड़ा करने की जरूरत बताई गई. इन देशों ने अपील की है कि अंतरराष्ट्रीय नियम-कानून और सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों के तहत एक दूसरे की मदद करते हुए आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.

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सुरक्षा परिषद के देशों द्वारा जारी किए गए इस बयान से एक बार फिर दोहराय़ा गया कि आतंकवाद कोई भी आतंकी कार्रवाई आपराधिक और अनुचित है, इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि इन आतंक के पीछे क्या मंशा है और इसे कब और कहां से अंजाम दिया गया है.

चाइना ने भी किया इस बयान पर साइन

बता दें कि इससे पहले भी कई बार भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जैश-ए-मोहम्मद और उसके सरगना मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने का मुद्दा उठाया है, लेकिन चाइना ने हर बार इस बात का विरोध किया. चाइना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 5 स्थाई सदस्यों में से एक है, इसलिए उसके भी वीटो पावर है. सुरक्षा परिषद द्वारा जारी बयान में इस बयान में चाइना ने भी साइन किया.

First published: 22 February 2019, 9:53 IST
 
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