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पुलवामा के शहीद को भूली सरकार ! भाई ने कहा- बस चुनाव में इस्तेमाल करते रहे नेता

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 February 2020, 18:22 IST

Pulwama Terrorist Attack: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को CRPF काफिले पर बड़ा आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे. इसमें जयपुर के शाहपुरा के रहने वाले 27 वर्षीय रोहिताश लांबा भी शहीद हुए थे. पुलवामा हमले को अभी एक साल भी नहीं हुआ है लेकिन शहीद के परिवार का आरोप है कि सरकार उनको भूल गई है.

एक निजी न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, परिवार ने आरोप लगाया कि शहादत के थोड़े समय तक तो नेता लोगों ने उनको पूछा. लेकिन अब उनको पूरी तरह से भूल चुके हैं. परिवार ने कहा कि उनसे जो वादे किए गए थे, ज्यादातर आज भी अधूरे हैं.

 

शहीद रोहिताश के पिता बाबूलाल लांबा ने बताया कि पुलवामा हमले के कसूरवार कौन थे, उन्हें क्या सजा मिली है, यह आज तक उन्हें नहीं पता. पिता ने कहा कि हमला करने वाले कौन थे और उन पर क्या कार्रवाई हुई, यह आज तक उन्हें नहीं पता. पिता ने कहा कि भारत की धरती पर इतना बड़ा हमला हुआ, और अगर इंटेलिजेंस फेलियर था तो उसके लिए कौन जिम्मेदार था?

वहीं शहीद के छोटे भाई जितेंद्र लांबा ने आरोप लगाया कि उन्हें सरकार ने नौकरी का वादा किया था लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मंत्रियों के चक्कर पर चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिली. जितेंद्र ने कहा कि उनके शहीद भाई की याद में आज तक किसी विद्यालय या सड़क का नाम नहीं रखा गया.

जितेंद्र ने बताया कि लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें दो बार बुलाया गया. यहां तक कि उन्हें सांसदी का टिकट देने की बात कही गई थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं चाहिए था. उन्होंने नौकरी की मांग की थी. उस समय कहा गया था कि जल्द ही उन्हें नौकरी दी जाएगी, लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार ने उन्हें नौकरी नहीं दी. जबकि लगातार वह यहां से वहां के चक्कर काट रहे हैं.

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First published: 14 February 2020, 18:10 IST
 
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