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गृह मंत्रालय की सफाई: अशांत राज्य नहीं हैं पंजाब

राजीव खन्ना | Updated on: 5 February 2016, 22:40 IST
QUICK PILL
  • किरण रिजिजू के बयान के बाद मचे हंगामे पर सफाई देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने साफ कर दिया है कि पंजाब अशांत राज्य नहीं है. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रिजिजू के बयान का गलत मतलब निकाला गया.
  • खबरों के मुताबिक किरण रिजिजू ने कहा था कि पंजाब के अशांत राज्य के दर्जे को हटाए जाने की जरूरत नहीं है. उनके इस बयान के बाद राजनीति शुरू हो गई थी. आम आदमी पार्टी ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं.

पंजाब के राजनीतिक नेतृत्व की तरफ से हो रही आलोचना के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए साफ किया है कि पंजाब अशांत राज्य नहीं है. किरण रिजिजू के कथित बयान के बाद पंजाब में बवाल हो गया था जिसमें उन्होंने कहा था कि पंजाब के अशांत राज्य के दर्जे को हटाए जाने की कोई जरूरत नहीं है.

शिरोमणि अकाली दल और पंजाब बीजेपी के नेताओं के गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद गृह मंत्रालय ने साफ किया था कि रिजिजू के बयान को गतल अर्थों में पेश किया गया. 

प्रतिनिधिमंडल में सुखदेव सिंह धींडसा, बलविंदर सिंह भूंदेर और प्रेम सिंह चंडूमारजा शमिल थे और उन्होंने राजनाथ सिंह के साथ बातचीत में कहा कि रिजिजू के बयान से पंजाब की छवि को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है.

गृह मंत्रालय ने सफाई देेते हुए कहा कि रिजिजू ने यह कहा था कि देश और सीमाई इलाकों में वैसे लोग हैं जो पंजाब में अशांति फैलाना चाहते हैं. रिजिजू ने कहा था कि  केंद्र सरकार ऐसे तत्वों पर कड़ी निगाह रख रही है ताकि राज्य में अशांति फैलाने के उनके मंसूबों को विफल किया जा सके. इसके अलावा पंजाब सरकार कानून और व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठा रही है. 

गृह मंत्रालय ने साफ किया कि पंजाब अब पंजाब डिस्टर्ब्ड एरियाज एक्ट 1984 और आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट के तहत नहीं आता है क्योंकि अब राज्य की स्थिति में सुधार हो चुका है. रिजिजू के बयान को गैर जिम्मेदार बयान करार दिया गया था. 

पंजाब अब पंजाब डिस्टर्ब्ड एरियाज एक्ट 1984 और आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट के तहत नहीं आता है

उन्होंने सफाई देेते हुए कहा, 'अशांत क्षेत्र कहे जाने से तरक्की और विकास से जुड़ी परियोजनाओं पर कोई असर नहीं होगा और नहीं इससे केंद्र सरकार की तरफ से राज्य को दिए जाने वाले अनुदान पर कोई असर होगा.' उन्होंने कहा कि इस दर्जे को बनाए रखना इसलिए जरूरी था ताकि राज्य में शांति की व्यवस्था बहाल की जा सके और केंद्र सरकार उन तत्वों पर नजर रख रही थी जो राज्य में अशांति फैलाने की फि राक में थे.

रिजिजू ने केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि किस तरह से कुछ लोग सीमा पार से राज्य में अशांति और सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. 

स्पष्टीकरण के बावजूद आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर विवाद बढ़ने की संभावना है क्योंकि पंजाब में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं. कांग्रेस प्रेसिडेंट कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए यह कहने में देर नहीं लगाई कि रिजिजू का बयान पूरी तरह से गैर जिम्मेदाराना बयान है. उन्होंने कहा कि इस बयान से गलत संदेश गया है और इसका जमीनी सच्चाई से कोई लेना देना नहीं है.

सिंह ने कहा कि पंजाब देश का सबसे शांत राज्य है. अमरिंदर ने कहा, 'पाकिस्तान के कुछ आतंकियों के घुस जाने और एक आतंकी हमले से पंजाब अशांत राज्य नहीं हो जाता है.' उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देने से पहले रिजिजू को अपना होमवर्क ठीक से करना चाहिए था. उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान के दूरगामी परिणाम होते हैं. सिंह ने इस मामले में प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल से कड़ा विरोध दर्ज कराए जाने की मांग की है.

अकाली दल ने भी इस बयान को लेकर आपत्ति जताई है. दल के प्रवक्ता विरसा सिंह वल्तोहा ने कैच न्यूज को बताया, 'जब स्थिति बुरी थी तब अशांत राज्य का दर्जा दिया गया था. लेकिन अब हमारा कहना है कि आप इसे अशांत राज्य का दर्जा नहीं दे सकते. यह शांत राज्यों में से एक है. इस तरह के बयान से राज्य में निवेशकों को आने में परेशानी होगी और इसका असर युवाओं की बेरोजगारी पर पड़ेगा. हम तो राज्य के ब्लैकलिस्टेड लोगों को भी मुख्य धारा में लाने की कोशिश कर रहे हैं.'

रिजिजू के बयान से सबसे करारा हमला आम आदमी पार्टी ने किया है. आप के पंजाब कन्वेनर सुचा सिंह छोतेपुर ने कहा, 'वह अब अपनी खामियों को छिपाने के लिए इस तरह का बयान दे रहे हैं. वह घुसपैठ को रोकने में विफल रहे हैं. जब बात पुलिस अधिकारी और ड्रग्स तस्करी में शामिल नेताओं को क्लीन चिट देने की बात आती है तब अकाली और बीजेपी के नेता हाथ मिलाते नजर आते हैं. दिना नगर और पठानकोट का हमला केंद्रीय गृह मंत्रालय की विफलता है और वह कह रहे हैं कि पंजाब अशांत राज्य है.' 

First published: 5 February 2016, 22:40 IST
 
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