Home » इंडिया » Quami Ekta Dal chief Afzal Ansari targets SP and Akhilesh Yadav says they are preparing riots before election
 

ब्रेकअप के बाद अफजाल के बदले बोल- दंगे कराने की तैयारी में सपा

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 June 2016, 12:59 IST
(फेसबुक)

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी और कौमी एकता दल के विलय पर मचा विवाद बढ़ता जा रहा है. कौमी एकता दल के अध्यक्ष अफजाल अंसारी ने सपा पर जमकर निशाना साधा है.

विलय रद्द होने के बाद कौमी एकता दल का पारा चढ़ गया है. पार्टी प्रमुख अफजाल अंसारी ने सपा पर धोखा देने का आरोप लगाया है. साथ ही आरोप लगाया कि चुनाव से पहले यूपी में दंगा करवाने की तैयारी चल रही है.

'अखिलेश हर मोर्चे पर नाकाम'

अब तक सांप्रदायिकता के खिलाफ सपा को इकलौता विकल्प बताने वाले अफजाल आरोप लगा रहे हैं कि सपा और बीजेपी मिलकर यूपी में दंगा कराना चाहते हैं.

बीते दिनों जोर-शोर के साथ सपा में शामिल होने और अब बाहर का रास्ता दिखाए जाने पर अफजाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, "हमारे साथ धोखा हुआ है. मुख्यमंत्री अखि‍लेश यादव हर मोर्चे पर नाकाम हैं."

अफजाल ने साथ ही कहा कि प्रदेश में अपराधी बेलगाम हैं और यूपी के मुख्यमंत्री हजारों-करोड़ों खर्च करके अपनी इमेज चमकाने में लगे हैं. बीजेपी के लोग यूपी के इस माहौल को अपने फेवर में बनाने में लगे हैं.

कौमी एकता दल के अध्यक्ष ने कहा, "यूपी में सपा और बीजेपी दोनों मिलकर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने में लगे हैं. चुनाव से पहले दंगे करवाने की तैयारी है."

'मुलायम से 11 जून को मुलाकात'

अफजाल इस दौरान कहा, "कौमी एकता दल के सपा में विलय की शुरुआत पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने की और उसे आगे बढ़ाया बलराम यादव ने.

10 जून को हमारी मीटिंग शि‍वपाल यादव और 11 जून को हमारी मुलाकात नेताजी मुलायम सिंह यादव से हुई. नेताजी ने कहा कि आप अपने दल का मर्जर सपा में कर दीजिए."

अफजाल अंसारी ने मुलायम और अखि‍लेश पर एक साथ निशाना साधते हुए कहा, "मुलायम को न तो अखि‍लेश के सिद्धां‍तों की परवाह है और न ही अखि‍लेश को अपने पिता के निर्णयों का सम्मान करने की ही फिक्र है."

'सपा को सिखाएंगे सबक'

अफजाल ने कहा, "पूर्वांचल में हमारी पार्टी कौमी एकता दल समाजवादी पार्टी को औकात दिखा देगी." गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव की मौजूदगी में कौमी एकता दल और सपा का विलय हुआ था.

लेकिन इस मामले में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सख्त रुख के बाद सपा संसदीय बोर्ड की बैठक में फैसला लिया गया कि कौमी एकता दल का सपा में विलय नहीं होगा. माफिया डॉन और विधायक मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल का पूर्वांचल के कुछ जिलों में असर है.

अभी मुख्तार अंसारी मऊ सदर से और उनके बड़े भाई सिबगतुल्लाह अंसारी मुहम्मदाबाद सीट से पार्टी के विधायक हैं. पिछले कई साल से मुख्तार हत्या समेत कई मामलों में जेल में बंद हैं.

First published: 29 June 2016, 12:59 IST
 
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