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Radhashtami 2020 : इस दिन मनाया जाएगा राधाष्टमी का त्योहार, ये है पूजा विधि

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 August 2020, 17:30 IST

भाद्रपद का महीना शुरू होने से व्रत और त्योहारों की शुरुआत हो जाती है. वहीं कृष्ण जन्माष्टमी के बाद उनकी प्रियसी राधा रानी का जन्म उत्सव मनाया जाता है. इस दिन की जाने वाली पूजा सभी प्रकार की मनोकामनाओं को पूर्ण करती है.शास्त्रों के मुताबिक राधा जी का जन्म सुबह के 4 बजे हुआ था. इसी कारण ये यह उत्सव रात से ही शुरू हो जाता है.

मान्यता है कि राधारानी की विधि पूजा करने से श्री कृष्ण खुश होते हैं और अपना आशीर्वाद देते हैं. इस दिन व्रत रखने से जीवन में आने वाली सभी कठिनाईयां दूर हो जाती हैं. कथा के मुताबिक एक बार भगवान श्री कृष्ण अपने धाम गोलोक में बैठे थे. वह किसी ध्यान में मग्न थें कि अचानक से उनके मन में एक सी उठी. श्री कृष्ण की उस आनंद की लहर से एक बालिका प्रकट हुई. जो राधा कहलाई. इसी कारण से ही श्री कृष्ण का जाप करने से पहले राधा का नाम लेना आवश्यक होता है.


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इस बार राधाष्टमी पंचांग के मुताबिक 26 अगस्त को बुधवार के दिन मनाया जाएगा. राधारानी को श्री कृष्ण की शक्ति के तौर पर पूजा जाता है. कथाओं के मुताबिक राधा जी जगत में परम आनंद की वाहक है. वहीं राधाजी को मोक्ष, सौम्यता की प्रतीक माना जाता है. इस दिन राधा और कृष्ण का ध्यान लगातार स्तुति की जाती है. राधाष्टमी का पर्व प्रेम के अध्यात्मिक महत्व को बताता है. जन्माष्टमी के 15 दिन बात मनाई जाती है राधाष्टमी.

राधाष्टमी का शुभ मुहूर्त-
अष्टमी तिथि प्रारम्भ: 25अगस्त, 12:21 पी एम से
अष्टमी तिथि समाप्त: 26 अगस्त, 10:39

राधाष्टमी के दिन आपको स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहने इसके बाद आप राधाष्टमी की पूजा कर सकते हैं.पूजा करने के लिए आप राधा कृष्ण की संयुक्त प्रतिमा रखें. इसके बाद इसे शुद्ध करते हुए फिर राधारानी की पूजा शुरू करें. पूजा के दौरान राधा चालीसा और राधा स्तुति का पाठ जरूर करें.

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First published: 24 August 2020, 17:30 IST
 
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