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राफेल विवाद: CAG रिपोर्ट में मोदी सरकार की खुली पोल, 9 फीसदी सस्ती डील का दावा खारिज

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 February 2019, 12:21 IST

केंद्र की मोदी सरकार ने आज (13 फरवरी) को राज्यसभा में राफेल डील को लेकर CAG रिपोर्ट पेश की. लेकिन CAG की रिपोर्ट में मोदी सरकार का वो दावा खारिज हो रहा है, जिसमें कहा गया था कि राफेल विमान 9 फीसदी सस्ते खरीदे गए हैं. 

राज्यसभा में पेश किए गए CAG रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी सरकार ने राफेल विमान की जो डील की है, वह सस्ती तो है, लेकिन मात्र 2.86 फीसदी ही. हालांकि, बिल्कुल तैयार अवस्था में इसकी कीमत UPA सरकार के जितनी ही है. यहां तक कि रिपोर्ट में विमान के दाम भी नहीं बताए गए हैं.

गौरतलब है कि 18 सितंबर 2018 को मीडिया को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पिछली यूपीए सरकार के समय के करार में तय कीमत की तुलना में नौ फीसदी कम कीमत पर राफेल विमान हासिल कर रही है. 

वहीं सीएजी रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सवाल खड़े किए हैं. कांग्रेस ने कहा है कि ऐसा लगता है कि मोदी सरकार के दबाव में सीएजी रिपोर्ट बनाई गई है. बता देें कि लोकसभा से पहले मोदी सरकार ने राज्यसभा में CAG रिपोर्ट पेश किया है. केंद्रीय मंत्री पी. राधाकृष्णन ने इसे पेश किया है.

राज्यसभा में पेश CAG रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र की मोदी सरकार ने जो राफेल डील की है, वह पूर्व की यूपीए सरकार से सस्ती है. यह डील यूपीए सरकार से 2.86 फीसदी सस्ती है. लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि तैयार अवस्था में राफेल की कीमत UPA सरकार के जितनी ही है. रिपोर्ट में विमान के दाम का खुलासा भी नहीं हुआ है.

इससे पहले संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद परिसर में गांधी मूर्ति के पास राफेल मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन किया. राहुल गांधी शुरुआत से ही प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने इस डील में चोरी की है.

First published: 13 February 2019, 12:10 IST
 
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