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राफेल सौदे के दौरान अनिल अंबानी की कंपनी कर रही थी फ्रांस के राष्ट्रपति के पार्टनर की मदद

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 August 2018, 14:31 IST

अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में राफेल सौदे में अनिल अंबानी की एंट्री को लेकर एक नई जानकारी दी है. रिपोर्ट के अनुसार जिस वक्त फ्रांस के राष्ट्रपति ओलांद गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत आये थे और उन्होंने 36 राफेल विमानों के सौदे पर हस्ताक्षर किये थे उस वक्त अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस एंटरटेनमेंट तत्कालीन राष्ट्रपति ओलांद की पार्टनर और अभिनेत्री जूली गायेट के साथ फिल्म बनाने में मदद कर रहे थे.

रिपोर्ट के अनुसार उस साल बाद में अंबानी का रिलायंस डिफेंस डेसॉल्ट रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड (डीआरएएल) के माध्यम से 59,000 करोड़ रुपये के राफले सौदे के ऑफसेट कार्यक्रम का हिस्सा बन गया. जिसमें कंपनी की 51% हिस्सेदारी है. जबकि राफले के फ्रांसीसी निर्माता डेसॉल्ट एविएशन में डीआरएएल में 49% हिस्सेदारी है.

रिपोर्ट के अनुसार 24 जनवरी 2016 को रिलायंस एंटरटेनमेंट ने घोषणा की कि उसने गेट की फर्म, रूज इंटरनेशनल (Rouge International) के साथ एक फ्रांसीसी फिल्म को संयुक्त रूप से प्रोडूस करने के लिए समझौता किया. 26 जनवरी 2016 को दोनों देशों ने फ्लाईवे कंडीशन में 36 विमानों की खरीद के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए. इंटर-गवर्नमेंट एग्रीमेंट नामक सौदे पर ओलांद की यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद थी लेकिन कुछ वित्तीय मुद्दों के कारण देरी हुई थी.

जिस फिल्म के प्रोडक्शन में रिलायंस ने मदद की उसे फ्रेंच अभिनेता और फिल्म निर्माता सर्ज हज़ानाविचियस द्वारा निर्देशित किया गया था और 20 दिसंबर 2017 को फिल्म टाउट ला-हौट (Tout La-Haut.) को फ्रांस में रिलीज़ किया गया.

इसके आठ हफ्ते बाद दासॉल्ट एविएशन के चेयरमैन एरिक ट्रैपियर और अंबानी ने फ्रांसीसी रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पेरली की उपस्थिति में नागपुर में डीआरएएल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की नींव रखी. इसमें सड़क और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और फ्रांस के राजदूत अलेक्जेंड्रे ज़िग्लर भी मौजूद थे.

98 मिनट की फ्रांसीसी फिल्म, जिसे पहली बार स्पेन में सैन सेबेस्टियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया गया था, को संयुक्त अरब अमीरात, ताइवान, लेबनान, बेल्जियम, एस्टोनिया और लातविया सहित आठ अन्य देशों में वितरित किया गया था. हालांकि टाउट ला-हौट भारत में रिलीज नहीं किया.

रिपोर्ट के अनुसार जब दोनों सरकारों के बीच 36 राफले जेटों के लिए सौदा की घोषणा की गई तब ओलांद ने राष्ट्रपति के रुप में इस पर हस्ताक्षर किए. उस वक्त ओलांद गाएत के साथ रह रहे थे. ओलांद मई 2012 से मई 2017 तक फ्रांस के राष्ट्रपति थे और गाएत के साथ उनका संबंध जनवरी 2014 में सार्वजनिक हो गया. एक जेवी बनाने वाली दासॉल्ट और रिलायंस की पहली घोषणा अक्टूबर 2016 में ओलांद की प्रेसीडेंसी के दौरान हुई थी.

राफेल ऑफसेट रिलायंस डिफेंस की पहली परियोजना थी, जिसने इसे एक प्रमुख राजनीतिक विवाद के केंद्र में रखा.कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि इस सौदे में अंबानी की फर्म को किसी भी रक्षा विनिर्माण का अनुभव नहीं है. विपक्ष ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कमपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल)को इस सौदे से बाहर किया है, जिसे इस क्षेत्र में लम्बा अनुभव है.

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First published: 31 August 2018, 11:47 IST
 
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