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राफेल डील: एंटनी के आरोपों पर रक्षामंत्री का पलटवार, कहा- कांग्रेस खुद दे इन सवालों के जवाब

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 September 2018, 16:44 IST
(ANI twitter)

राफेल विमान सौदे को लेकर कांग्रेस और बीजेपी की मोदी सरकार के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है. राफेल डील को लेकर मंगलवार को कांग्रेस नेता एके एंटनी के आरोपों के बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार किया है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि यूपीए के दौरान HAL और डसॉल्ट के बीच प्रॉडक्शन टर्म्स को लेकर सहमति भी नहीं बन सकी थी. HAL और डसॉल्ट ने राफेल पर एक साथ काम करने से इनकार कर दिया था.

एएनआई की खबर के मुताबिक, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने एंटनी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा है कि यूपीए के दौरान HAL और डसॉल्ट के बीच प्रॉडक्शन टर्म्स को लेकर सहमति भी नहीं बन सकी थी. HAL और डसॉल्ट ने राफेल प्रॉडक्शन की शर्तों पर काम करने के लिए तैयार नहीं थे. दोनों HAL और राफेल एक साथ काम नहीं कर सकते थे. उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए सवाल पूछा कि कौन HAL के साथ नहीं गया, किस सरकार के समय ऐसा हुआ?

रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑफसेट के लिए वे प्राइवेट या सरकारी किसी भी कंपनी के साथ जा सकते हैं. ये रूल किसने बनाया. किसकी सरकार में बनाया गया. पिछली सरकार ने इस नियम को बनाया था. HAL पर कांग्रेस को जवाब देना चाहिए. क्योंकि ये कांग्रेस की सरकार के जमाने के कानून हैं.

आपको बता दें कि इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस नेता और पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने राफेल डील को लेकर पीएम मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर ‘प्रक्रियाओं का उल्लंघन’का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार राफेल सौदे की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने से क्यों बच रही है. ऐसा क्या है जिसको सरकार छुपाने की कोशिश कर रही है.

इसके साथ ही उन्होंने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की विनिर्माण क्षमता पर सवाल उठाने वाले निर्मला सीतारमण के बयानों का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री पर सार्वजनिक क्षेत्र के इस उपक्रम की छवि खराब करने का प्रयास करने का आरोप लगाया था. इस दौरान उन्होंने कहा था कि सरकार कह रही है कि हमने सस्ता सौदा किया है. अगर ऐसा है तो उन्होंने सिर्फ 36 विमान क्यों खरीदे हैं, जबकि वायुसेना की तत्काल जरूरत 126 विमानों की है. उन्होंने प्रधानमंत्री ने रक्षा खरीद प्रक्रियाओं का स्पष्ट रूप से उल्लंघन करने का आरोप लगाया था.

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First published: 18 September 2018, 16:44 IST
 
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