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राफेल विवाद पर मोदी सरकार की हुई जीत, प्रशांत भूषण ने SC के फैसले को ठहराया गलत

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 December 2018, 12:10 IST

राफेल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील पर सरकार को पाक-साफ करार दिया है. इसके अलावा सारी याचिकाएं खारिज कर दी है. फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के सौदे में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को क्लीन चिट दे दी है.

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने फैसले को गलत बताया है. भूषण ने पूछा, "एयरफोर्स ने कभी कहा है कि 36 राफेल चाहिए. एयरफोर्स से बिना पूछे मोदी जी ने फ्रांस में जाकर समझौता कर लिया इसके बाद तय कीमत से ज्यादा पैसा दे दिया. इसके बाद कोर्ट में कीमतों पर सीलबंद रिपोर्ट दे दी जिसके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं दी गई. दसॉल्ट ने ऑफसेट पार्टनर चुनना है जबकि रक्षा सौदे में बिना सरकार की सहमति के कोई फैसला नहीं लिया जा सकता है." 

बता दें कि सीजेआई रंजन गोगोई की अगुआई वाली बेंच ने 14 नवंबर को मैराथन सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इसके बाद आज (14 दिसंबर) को SC ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि उसे 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के मोदी सरकार के फैसले में कोई अनियमितता नहीं मिली. साथ ही कोर्ट ने राफेल डील को लेकर दाखिल की गई सारी याचिकाएं भी खारिज कर दी.

सीजेआई रंजन गोगोई की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील की अदालत की देखरेख में जांच की मांग करने वाली सभी याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया है. तीन न्यायाधीशीय खंडपीठ ने कहा कि वह खरीद प्रक्रिया से संतुष्ट हैं. सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि ऑफसेट पार्टनर की पसंद को लेकर हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है.

पढ़ें- Rafale deal : पाक-साफ निकली मोदी सरकार, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की सभी जांच याचिकाएं

सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा, "हम 126 एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए सरकार को मजबूर नहीं कर सकते हैं और अदालत के लिए इस मामले के हर पहलू की जांच करना उचित नहीं है."

First published: 14 December 2018, 12:10 IST
 
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