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सरकार ने SC में किया दावा- रक्षा मंत्रालय से चोरी हो गए राफेल सौदे के दस्तावेज

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 March 2019, 16:12 IST

अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल राफेल मामले में बुधवार को सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए. अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राफेल सौदे से संबंधित दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चुराए गए थे. इस मेल में दूसरी ओर से वकालत प्रशांत भूषण कर रहे हैं. वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि "राफेल सौदे की चोरी होने से संबंधित दस्तावेजों पर जांच चल रही है."

एक रिपोर्ट के अनुसार वेणुगोपाल ने इस मामले में समीक्षा याचिका को खारिज करने और एक लंबित आवेदन की मांग करते हुए तर्क दिया कि दस्तावेजों को गुप्त और वर्गीकृत किया गया था, और उन्हें सामने लाना करना आधिकारिक राज अधिनियम का उल्लंघन था. उन्होंने कहा "जो लोग सार्वजनिक डोमेन में राफेल सौदे पर दस्तावेज़ डालते हैं वे आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और अदालत की अवमानना के तहत दोषी हैं,"

उन्होंने यह भी कहा कि राफेल सौदे पर बुधवार की द हिंदू रिपोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को प्रभावित किया और यह अपने आप में अदालत की अवमानना थी. राफेल को लेकर अख़बार द हिन्दू ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इस डील से पहले नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने राफेल डील से भ्रष्टाचार विरोधी दंड प्रावधानों को हटा दिया था.

रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने 2013 की DPP के अनुसार इस सौदे पर हस्ताक्षर किये थे लेकिन पेनाल्टी, अनुचित प्रभाव, इंटग्रिटी पैक्ट और एजेंट/एजेंसी से जुड़े कमशीन और खातों तक पहुंच से जुड़े प्रावधानों को इस सौदे अलग कर दिया गया.

रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने सौदे में उस प्रावधान को हटा दिया जिसमें दोनों कंपनियों को पेमेंट के लिए फ्रांस सरकार एक एस्क्रॉ अकाउंट ऑपरेट करने की बायत कही गई थी. रिपोर्ट के अनुसार सौदे पर हस्ताक्षर करने से पहले प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए एस्क्रो खाते के लिए वित्तीय सलाहकारों की सिफारिशों को खारिज कर दिया. भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई सामग्रियों में किसी भी विवरण का हिस्सा नहीं था.

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First published: 6 March 2019, 14:01 IST
 
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