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आज अंबाला में लैंड करेंगे फ्रांस से आ रहे पांच राफेल लड़ाकू विमान, वायुसेना प्रमुख भदौरिया करेंगे अगवानी

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 July 2020, 7:29 IST

Rafale Fighter Jet: फ्रांस (France) से आ रहे पांच लड़ाकू विमान राफेल (Rafale Fighter Jet) आज भारत (India) पहुंचेंगे. करीब 7300 किलोमीटर का सफर कर राफेल विमान अंबाला एयरफोर्स स्टेशन (Ambala Air Force Station) पर लैंड करेंगे. वायुसेेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया (Air Force Chief RKS Bhadauria) इन विमानों की अगवानी करेंगे. राफेल की लैंडिंग (Rafale Landing) को देखते हुए अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर वायुसेना (Air Force) के ग्लोबमास्टर (Globe Master), चिनूक (chinook), हरक्युलिस (Hercules), AN-32 विमानों के साथ हेलिकॉप्टर्स की भी गतिविधियां बढ़ा दी गई हैं. बता दें कि फ्रांस से भारत आने के दौरान इन विमानों को हवा में ही रिफ्यूल भी किया गया. राफेल लड़ाकू विमान के भारत आने को लेकर लोगों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.

राफेल के अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर उतरने के ऐतिहासिक पलों का गवाह बनने के लिए हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठा होने की संभावना के चलते अंबाला में बुधवार को धारा 144 लगा दी गई है. इसके साथ ही फोटोग्राफी और विडियोग्राफी पर भी पाबंदी लगी रहेगी. लड़ाकू विमान राफेल के लिए अत्याधुनिक हैंगर और हथियारों को रखने के लिए भंडारगृह को तैयार किया गया है. अंबाला में राफेल की लैंडिंग के दौरान तीन किलोमीटर के दायरे में नजर आते ही ड्रोन को मार गिराने के आदेश दिए गए हैं. बता दें कि इन विमानों को फ्रांस से प्रशिक्षित पायलट ला रहे हैं.


दुबई (Dubai) के रास्ते फ्रांस (France) से आ रहे इन विमानों का हवा में ईंधन भी भरा गया. जो एक बड़ी उपलब्धि है. फ्रांस से उड़ान भरने के करीब सात घंटे बाद ये विमान संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अलदाफ्रा एयरबेस पर उतारे गए. उसके बाद ये विमान यहीं से अंबाला के लिए उड़ान भरेंगे. भविष्य में राफेल विमानों में किसी तरह की तकनीकी खराबी आने पर इन्हें यहीं सही किया जा सकेगा.

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इसके लिए कल-पुर्जे का निर्माण भी अंबाला में शुरु किया जाएगा. बता दें कि अंबाला की वैशेषिका इकाई कई दशकों से रक्षा उपकरण तैयार करती रही है. राफेल बनाने वाली फ्रांसिसी कंपनी दसॉल्ट ने विमान के कलपुर्जे बनाने के लिए भारत की जिन 72 कंपनियों को चिह्नित किया है, उनके लिए अंबाला की साइंस इंडस्ट्री खासकर वैशेषिका सैन्य उपकरण सप्लाई करती है.

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बता दें कि भारतीय वायुसेना के आप वर्तमान में सबसे खतरनाक लड़ाकू विमानों में सुखोई-30 एमकेआई मौजूद है. सूत्रों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना के बेड़े में अभी 272 सुखोई विमान इन-सर्विस हैं. यह विमान रूस का है और सुपरसोनिक ब्रह्मोस एयर लोडेड क्रूज मिसाइल को ले जाने में भी सक्षम हैं. हाल ही में सुखोई को इस क्रूज मिसाइल कैरी करने के लिए मॉडिफाई किया गया है. गौरतलब है कि सुखोई विमान ने ही पुलवामा अटैक के बाद इंडियन एयरफोर्स की एयर स्ट्राइक में अहम रोल अदा किया है. जब राफेल भी वायुसेना के बेड़े में शामिल हो जाएगा तो ऐसे में सुखोई और राफेल की जुगलबंदी दुश्मन पर बहुत भारी पड़ेगी.

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First published: 29 July 2020, 7:29 IST
 
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