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आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन नहीं चाहते हैं सेवा विस्तार!

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST
(पत्रिका)

आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन अपना सेवा विस्तार नहीं चाहते हैं. आनंद बाजार पत्रिका अखबार ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि गवर्नर रघुराम राजन ऐसा कोई इरादा नहीं रखते हैं.

रिपोर्ट में ये खुलासा उस समय किया गया है, जब डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में दो पैसे की मजबूती देखने को मिली है. हालांकि रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आरबीआई के गवर्नर पद पर रघुराम राजन को बनाए रखना चाहते हैं.

बंगाली भाषा के दैनिक अखबार आनंद बाजार पत्रिका ने बुधवार को राजन के करीबी अज्ञात सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि रिजर्व बैंक के गवर्नर राजन का सितंबर में अपने कार्यकाल खत्म होने के बाद किसी भी सेवा विस्तार का कोई इरादा नहीं है.

पश्चिम बंगाल के अखबार के मुताबिक पीएम मोदी गवर्नर पद पर राजन का कार्यकाल बढ़ाना चाहते हैं. बाजार के तीसरे कारोबारी दिवस बुधवार को डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 2 पैसे की मजबूती के साथ 67.24 के स्तर पर खुला. जो पिछले दिन के कारोबारी सत्र के मुकाबले थोड़ा मजबूत है. 

सितंबर तक कार्यकाल

इससे पहले मंगलवार के कारोबारी सत्र में डॉलर के मुकाबले रुपया 67.26 के स्तर पर बंद हुआ था. राजन के कार्यकाल पर दक्षिण अफ्रीका की वित्त कंपनी फर्स्टरेंड लिमिटेड के मुबंई स्थित करेंसी और मनी मार्केट हेड परेश नायर ने कहा, "निवेशक चाहते हैं कि राजन गवर्नर के पद पर बने रहें."

हालांकि रिजर्व बैंक की प्रवक्ता अल्पना किलावाला ने रिपोर्ट पर जल्दबाजी में कुछ भी कहने से मना कर दिया है. प्रधानमंत्री ऑफिस के प्रवक्ता जगदीश ठक्कर रिपोर्ट पर कुछ भी कहने के लिए उपलब्ध नहीं हो पाए, वहीं वित्र मंत्रालय के प्रवक्ता डीएस मलिक ने भी मामले पर चुप्पी साधी है.

स्वामी का राजन विरोधी अभियान

गौरतलब है कि हाल ही में राज्यसभा पहुंचे बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी, रघुराम राजन को गवर्नर पद से हटाने के लिए व्यापक अभियान चला रहे हैं. सुब्रमण्यम स्वामी ने रघुराम राजन पर जानबूझ कर भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था.

स्वामी ने ये तक कह दिया था कि राजन को शिकागो भेज दिया जाना चाहिए और वो मानसिक रूप से भारतीय नहीं हैं. इस सिलसिले में सात बिंदुओं का जिक्र करते हुए स्वामी ने पीएम मोदी को खत भी लिखा था.

इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन पर व्यक्तिगत हमले की निंदा करते हुए उनके कार्यकाल को बढ़ाने के बारे में किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया था.

First published: 1 June 2016, 4:53 IST
 
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