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प्रशांत किशोर का साथ मिला तो पप्पू भी पास हो गया

पाणिनि आनंद | Updated on: 3 March 2016, 16:54 IST
QUICK PILL
  • करीब 30 मिनट के भाषण में गांधी ने न केवल बजट की खिंचाई की बल्कि उन्होंने प्रधानमंत्री से लेकर सरकार तक पर हमला किया. उन्होंने भारत के विचार, राष्ट्रवाद और देशभक्ति को लेकर भी बात की. 
  • खबरों के मुताबिक चुनावी प्रबंधक प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के साथ काम करने का फैसला किया है और उन्हें सीधे कांग्रेस वाइस प्रेसिडेंट राहुल गांधी को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है.

आखिरकार राहुल गांधी साथ मिलकर काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं. बुधवार को लोकसभा में बोलते हुए कांग्रेस के वाइस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने एक साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री और आरएसएस पर हमला करते हुए सरकार को घेरा.

गांधी को अब देश के सबसे बड़े चुनाव प्रबंधक प्रशांत किशोर का भी साथ मिल चुका है. 2019 में होने वाले आम चुनाव और उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए किशोर की मदद ली जा रही है.

लोकसभा में राहुल गांधी की आक्रामकता के पीछे प्रशांत किशोर का असर था या कोई और कारण, अभी इस बारे में कहना मुश्किल है.  लोेेकसभा में गांधी ज्यादा परिपक्व और मंजे हुए वक्ता के तौर पर दिखे.

गांधी का भाषण

करीब 30 मिनट के भाषण में गांधी ने न केवल बजट की खिंचाई की बल्कि उन्होंने प्रधानमंत्री से लेकर सरकार तक पर हमला किया. उन्होंने भारत के विचार, राष्ट्रवाद और देशभक्ति को लेकर भी बात की. 

गांधी के भाषण के तुरंत बाद बीजेपी के प्रहलाद जोशी ने कहा कि ऐसा लग रहा था कि राहुल संसद को संबोधित करने की बजाए किसी जनसभा को संबोधित कर रहे हैं. जोशी सही कह रहे थे. दरअसल गांधी संसद से देश की जनता को ही संबोधित कर रहे थे. 

गांधी ने कहा, 'बजट पढ़ते हुए वित्त मंत्री जेटली ने मुझे चौंका दिया. मैंने फेयर एंड लवली स्कीम के बारे में सुना जिसमें कोई चोर भी टैक्स देकर अपने काले धन को सफेद कर सकता है.'

पिछले साल राहुल गांधी ने मोदी को सूट-बूट की सरकार कहा था. इस बार उन्होंने फेयर एंड लवली जैसे लोकप्रिय उत्पाद का सहारा लिया है जो देश की जनता के बीच में आम है. यह अपने आप में एक जबरदस्त राजनीतिक हमला है.

जब बीजेपी सांसदों ने गांधी के भाषण में शामिल गलतियों की ओर इशारा किया तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा, 'मैं आरएसएस से नहीं हूं. हमसे गलतियां हो जाती हैं.'

गांधी ने कहा, 'आपको लगता है कि आप सब कुछ जानते हैं और आप गलती नहीं कर सकते. लेकिन मेरे मामले में ऐसा नहीं है. मैं गलतियां करता हूं. मैं सब कुछ जानने का दावा नहीं करता. मैं अपनी गलतियों और जनता से सीखता हूं.'

मोदी सरकार जब गरीबों के पक्ष में बजट पेश कर सुर्खियों में आने की कोशिश कर रही है तब गांधी ने उन्हें यह याद दिलाया कि कैसे मोदी ने संसद में मनरेगा का मजाक उड़ाया था.

उन्होंने कहा, 'यह महात्मा गांधी योजना है, सावरकर योजना नहीं. हम गांधी के बारे में बात करते हैं और आप सावरकर के बारे में बात करते हैं. क्या यह गलत है (कि आप सावरकर के समर्थक नहीं है.) या फिर आपने उनसे दूरी बना ली. अगर ऐसा है तो अच्छा है.'

ऐसा लगा कि उनके भाषण से बीजेपी तिलमिला गई. बाद में जेटली ने गांधी के भाषण को लेकर विस्तार से प्रतिक्रिया दी. जेटली ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, 'जब कोई व्यक्ति युवा से होते हुए थोड़ा उम्रदराज होता है तो हम उससे एक गंभीरता की उम्मीद करते हैं. मैं जितना श्री राहुल गांधी के बारे में सुनता हूं उतना ही आश्चर्यचकित हो जाता हूं कि उन्हें कितना पता है और उन्हें कब इसकी जानकारी मिलेगी.'

प्रशांत किशोर फैक्टर

कभी नरेंद्र मोदी के साथ रहे और अब नीतीश कुमार के साथ रह रहे प्रशांत किशोर पर्दे के पीछे की राजनीति के पोस्टरब्वॉय हैं. किशोर 2014 में उस वक्त चर्चा में आए जब नरेंद्र मोदी जबरदस्त तरीके से जीत कर केंद्र में आए. 

हालांकि बाद में किशोर ने मोदी से दूरी बनाते हुए नीतीश से नजदीकी बना ली. फिलहाल किशोर पटना में नीतीश कुमार के बंगले से अपना काम कर रहे हैं जिसके लिए वह जाने जाते हैं.

किशोर के लिए हालांकि अगला टास्क बेहद मुश्किल रहने जा रहा है क्योंकि उन्हें कांग्रेस के साथ काम करने का फैसला किया है. उत्तर प्रदेश में पार्टी को फिर से मजबूत करने की दिशा में 3 मार्च को किशोर के साथ पार्टी के बड़ नेताओं की बैठक हुई. 

बैठक में राहुल गांधी, मधुसूदन मिस्त्री, दिग्विजय सिंह, आरपीएन सिंह, शीला दीक्षित और निर्मल खत्री मौजूद थे. करीब पांच घंटे चली बैठक के बाद बाहर आते हुए यूपी कांग्रेस प्रेसिडेंट खत्री ने कहा, 'हमारा तीनों एम (माया, मुलायम और मोदी) के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा क्योंकि वह आरएसएस की गोद में बैठे हुए हैं. हम अकेले चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे भी.'

खत्री से जब प्रशांत किशोर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'कुछ क्षेत्रों में उनकी विशेषज्ञता है और हम उस बारे में उनसे मदद लेंगे.' बैठक में किशोर की अहमियत का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि उन्हें सीधे राहुल गांधी को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है. सोनिया गांधी ने किशोर को उत्तर प्रदेश का अगला महासचिव चुनने की अनुमति दे दी है.

बैठक में शामिल एक नेता ने कहा कि किशोर ने पहले सभी की बात सुनी और फिर उन्होंने कहा कि वह कुछ दिनों में अपनी रिपोर्ट सौपेंगे जिसके आधार पर अगली रणनीति तय की जाएगी. 

यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि किशोर का जादू काम कर पाता है या नहीं. लेकिन उनके रिकॉर्ड को देखते हुए कांग्रेस की उम्मीदें जरूर बढ़ गई हैं.

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First published: 3 March 2016, 16:54 IST
 
पाणिनि आनंद @paninianand

Senior Assistant Editor at Catch, Panini is a poet, singer, cook, painter, commentator, traveller and photographer who has worked as reporter, producer and editor for organizations including BBC, Outlook and Rajya Sabha TV. An IIMC-New Delhi alumni who comes from Rae Bareli of UP, Panini is fond of the Ghats of Varanasi, Hindustani classical music, Awadhi biryani, Bob Marley and Pink Floyd, political talks and heritage walks. He has closely observed the mainstream national political parties, the Hindi belt politics along with many mass movements and campaigns in last two decades. He has experimented with many mass mediums: theatre, street plays and slum-based tabloids, wallpapers to online, TV, radio, photography and print.

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