Home » इंडिया » Railway Minister Piyush Goyal has warned all the zonal heads that the delays in train services will stop promotion
 

पीयूष गोयल की चेतावनी : अब ट्रेन हुई लेट तो रुकेगा अफसरों का प्रमोशन

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 June 2018, 15:57 IST
piyush goyal

हमारे देश की यातायात व्यवस्था व्यापक रूप से रेलवे पर निर्भर है. ट्रेन के परिचालन में लेट-लतीफी के लिए बदनाम रेलवे जल्द ही इमसें सुधार के लिए ठोस और सख्त कदम उठाने जा रही है. रेलवे इस समस्या से अलगे एक महीने में निजात दिलाने की तैयारी कर रही है.

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे के सभी जोनल प्रमुखों और बड़े अधिकारीयों को चेतावनी दी है कि ट्रेन सर्विसेज में देरी होने पर उनके अप्रेजल की संभावना टल जाएगी. मतलब इन अधिकारीयों का प्रमोशन रुक जाएगा. रेल मंत्री ने ट्रेनों को सही समय पर चलाने के लिए एक महीने का समय दिया है. इस सख्त कार्यवाई से उम्‍मीद है कि ट्रेनें अब अपने निर्धारित समय / राइट टाइम से चलेगी.

ये भी पढ़ें -बड़ी खुशखबरी: ऑनलाइन टिकट कंफर्म न होने पर भी यात्रा से नहीं रोक सकेगा रेलवे

रेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार पिछले हफ्ते एक इंटरनल मीटिंग के दौरान पीयूष गोयल ने ट्रेन लेट के मामले पर जोनल जनरल मैनेजर्स की जमकर खिंचाई की और एक महीने के दरम्यान इसमें सुधार करने के निर्देश दिए. गोयल ने कहा कि अधिकारी, ट्रेन सर्विस में देरी के लिए मेन्‍टेनेंस का काम का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेवारी से बच नहीं सकते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक वित्‍त वर्ष 2017-18 में इंडियन रेलवे नेटवर्क में 30 प्रत्रिशत ट्रेनें लेट चल रही थी.

रेल मंत्री ने ट्रेनों के लेट-लतीफी की कई वजहों पर भी चर्चा की. ट्रेन लेट का प्रमुख कारण बड़े पैमाने पर ट्रैक्‍स के रिन्‍युअल का कार्य है. हालांकि, ट्रेनों की लेट-लतीफी का आंकड़ा उम्‍मीद से ज्यादा खराब है. जोन अपनी खामियों को छिपाने के लिए मेन्‍टेनेंस कामकाज को जिम्‍मेदार बता रहे हैं. सूत्र ने बताया कि मीटिंग के दौरान रेल मंत्री ने सभी जोनल प्रमुखों से व्‍यक्तिगत तौर पर मीटिंग की और उनकें से ट्रेनों के चलते के खराब रिकॉर्ड की वजह पूछी और 1 महीने के अंदर इसमें सुधार के लिए ठोस कदम उठाने को कहा.

नार्दर्न रेलवे सबसे लेट

नार्दर्न रेलवे के जनरल मैनेजर पर रेल मंत्री की सबसे ज्‍यादा नाराज हुए, क्‍योंकि 29 मई तक उनके रीजन में ट्रेनों को समय पर चलने का आंकड़ा मात्र 49.59 फीसदी रहा, जो कि पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 32.74 % कम था. गोयल नार्दर्न रेलवे के प्रमुख पर सबसे ज्‍यादा सख्‍त दिखे, क्‍योंकि उस जोन का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा. पिछले महीने डेवलपमेंट मीटिंग में पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्रेनों के समय की पाबंदी पर सवाल पूछे थे.

First published: 3 June 2018, 15:57 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी