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फ्लेक्सी किराए का फॉर्मूला रेलवे पर पड़ा भारी, चौतरफा नाराजगी के बाद अब होगी समीक्षा

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:47 IST
(एजेंसी)

रेल मंत्रालय को राजधानी, दुरंतो, शताब्दी ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर सिस्टम वाला फॉर्मूला भारी पड़ता दिख रहा है. चौतरफा विरोध के बाद दबाव में रेल मंत्रालय ने इस फॉर्मूले पर समीक्षा के संकेत दिए हैं. इसके अलावा यह भी फैसला लिया है कि इस फॉर्मूले को दूसरी ट्रेनों में लागू नहीं किया जाएगा.

रेल मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक फैसले पर कुछ समय बाद दोबारा विचार किया जाएगा. गौरतलब है कि इन ट्रेनों में किराये का नया सिस्टम आज से लागू हो गया है.

इस बीच रेल मंत्रालय ने तीन ट्रेनों में लागू किए गए फॉर्मूले पर दोबारा विचार की बात कही है. रेल मंत्रालय ने कहा है कि इन तीन ट्रेनों में ये फॉर्मूला प्रयोग के तौर पर लागू किया गया है और कुछ समय बाद इसकी समीक्षा की जाएगी.

हालांकि गुरुवार को पूरे दिन रेल मंत्रालय के अधिकारी इस फैसले का बचाव करते रहे. उनकी दलील है कि रोजाना दो करोड़ तीस लाख से ज्यादा लोग रेलवे का इस्तेमाल करते हैं और इन तीन ट्रेनों में बैठने वालों की संख्या एक फीसदी से भी कम है, इसलिए फ्लेक्सी किरायों का असर बहुत कम यात्रियों पर ही पड़ेगा.

हर दिन बारह हजार से ज्यादा रेलगाड़ियां चलती हैं और फ्लेक्सी किराया सिर्फ 81 गाड़ियों पर नौ सितंबर से लागू होगा, लेकिन बीजेपी के कई नेताओं के गले ये दलीलें नहीं उतरीं.

उनका कहना है कि इन किरायों से रेलवे को आमदनी तो न के बराबर है, लेकिन इससे सरकार की छवि को धक्का ज्यादा पहुंचेगा और मध्य वर्ग के नाराज होने का खतरा है. पार्टी की ये बात सरकार तक पहुंचाई गई. इसके बाद रेल मंत्रालय ने अपने कदम पीछे खींचने के संकेत दिए हैं.

केबीके इंफोग्राफिक्स
First published: 9 September 2016, 1:32 IST
 
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