Home » इंडिया » Rajasthan Alwar Mob Lynchin: Because of the negligence of police Akbar died
 

अलवर लिंचिंग: रकबर को अस्पताल ले जाने की बजाय गायों के लिए गाड़ी का इंतजाम कर रही थी पुलिस !

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 July 2018, 11:09 IST

राजस्थान के अलवर में शुक्रवार की रात गौ-तस्करी के शक में रकबर नाम के युवक की हत्या कर दी गई. आरोप है कि भीड़ ने रकबर की हत्या की है. लेकिन इस मामले में अब पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि पुलिस रकबर को अस्पताल ले जाने की बजाय गाय के लिए गाड़ी का इंतजाम कर रही थी. 

दरअसल शुक्रवार और शनिवार की रात गो-तस्करी के शक में रकबर और असलम की भीड़ ने पिटाई कर दी थी. इस दौरान असलम भाग निकला था, लेकिन रकबर को भीड़ पीटती रही थी. खबर है कि पुलिस मौके पर पहुंची तो जरूर, लेकिन रकबर को अस्पताल ले जाने की बजाय ढाई घंटे से ज़्यादा समय तक यहां-वहां घुमाती रही. इसके बाद उसे थाने ले गई. 

इस मामले में अब कुछ सनसनीखेज खुलासे सामने आए हैं. पता चला है कि रकबर भीड़ के हाथों जितना घायल नहीं हुआ उससे ज़्यादा वो पुलिस की हिरासत में हुआ और यही उसकी जान जाने की वजह बनी. खबर है कि पुलिस जानबूझकर घायल रकबर को सीधे अस्पताल नहीं ले गई. वह उसे यहां-वहां ढाई घंटे से ज़्यादा समय तक घुमाती रही.

खबर है कि घायल रकबर लगातार कहता रहा कि वो दर्द में है लेकिन पुलिस उसे तुरंत अस्पताल न ले जाकर पहले गाय के लिए गाड़ी का इंतज़ाम करने में लगी रही. यही नहीं पुलिस ने रास्ते में गाड़ी रोक कर चाय पी और फिर अस्पताल ले जाने की जगह थाने ले गई. जब पुलिस रकबर को लेकर अस्पताल पहुंची तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.

पढ़ें- अलवर लिंचिंग पर अखिलेश का तंज- फिर दोषियों को पहनाई जाएगी माला

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वह मृतक अवस्था में ही अस्पताल लाया गया था. इस बीच पुलिस थाने में रकबर के साथ क्या हुआ यही सबसे बड़ा सवाल है. इस पर अभी कोई जानकारी नहीं है. आरोप लग रहा है कि थाने में जो हुआ उसकी वजह से ही रकबर की जान गई. खुद पुलिस की टीम इस मामले में संदेह के घेरे में है.

हालांकि अब खबर है कि स्थानीय थाने से जांच हटा ली गई है. अब एडिशनल एसपी क्राइम और विजिलेंस इस मामले की जांच संभालेंगे. आईजी ने कहा है कि इस बात की भी जांच होगी कि रकबर को अस्पताल ले जाने में इतनी देरी क्यों हुई.

First published: 23 July 2018, 8:36 IST
 
अगली कहानी