Home » इंडिया » Rajasthan Election 2018: Sachin Pilot and Ashok Gehlot who is next cm, Know their Assets
 

गहलोत पर बरसी 'गांधी' की कृपा, सचिन को नहीं बनाया राजस्थान का 'पायलट'

दीपक कुमार सिंह | Updated on: 14 December 2018, 16:49 IST

 

सूत्रों के अनुसार आखिरकार सस्पेंस टूट गया और अशोक गहलोत को राजस्थान की बागडोर सौंप दी गई. अब प्रदेश के नए मुख्यमंत्री गहलोत होंगे. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अनुभवी अशोक पर पर विश्वास जताया. हाई कमान ने अशोक गहलोत और सचिन पायलट को दिल्ली तलब किया था.

गहलोत बने ''सम्राट''

मंथन के कई दौर के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अशोक गहलोत पर विश्वास जताया और राजस्थान के सत्ता की चाबी सौंप दी. अनुभव को युवा जोश से ज्यादा तरजीह दी गई. गहलोत पहले भी दो बार राज्य के सीएम रह चुकें हैं. साल 1998 से 2003 और 2008 से 2013 तक वे राज्य के मुखिया रहे हैं. गौरतलब है कि दोनों खेमे के विधायक चाहते हैं कि उनका नेता मुख्यमंत्री बने.

 

 

सचिन की संपत्ति हैं 5 करोड़, यूएस से किया है एमबीए

सचिन पायलट अजमेर लोकसभा से संसद भी हैं और साल साल 2014 में चुनाव आयोग को दी गई जानकारी के अनुसार वे 5,36,81,203 रुपये यानि 5 करोड़ से अधिक की चल अचल संपत्ति के मालिक हैं. आयकर विभाग को सालाना करीब 10 लाख रुपये टैक्स भरते हैं. सचिन पायलट ने पेनसिलवेनिया यूनिवर्सिटी, यूनाइटेड स्टेट (अमेरिका) से मास्टर ऑफ़ बिज़नेस मैनेजमेंट (MBA) की डिग्री हासिल की है.

राज्य में 199 सीटों के घोषित नतीजों में कांग्रेस ने 99 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि बीजेपी को सिर्फ 73 सीटों पर जीत मिली और 5 सालों तक सत्ता का सुख हासिल करने के बाद महारानी को गद्दी छोड़नी पड़ी.

गहलोत के पास है 6.5 करोड़ की संपत्ति

जबकि अशोक गहलोत दो बार राजस्थान के सीएम रहें हैं और कांग्रेस के हाई कमान के पास भी उनकी गहरी पैठ है. अगर गहलोत के संपत्ति की बात की जाए तो साल 2018 में चुनाव आयोग को दी गई जानकारी के अनुसार वे 6,53,70,312 रुपये यानि 6.5 करोड़ की चल अचल संपत्ति के मालिक हैं. गहलोत आयकर विभाग को सालाना 18,56,828 (18.5 लाख) रुपये टैक्स भरते हैं. गहलोत ने जोधपुर यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में मास्टर्स (MA) और कानून (LLB) की डिग्री ली है.

राज्य में 199 सीटों के घोषित नतीजों में कांग्रेस ने 99 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि बीजेपी को सिर्फ 73 सीटों पर जीत मिली और 5 सालों तक सत्ता का सुख हासिल करने के बाद महारानी को गद्दी छोड़नी पड़ी.

First published: 14 December 2018, 15:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी