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चुनाव से पहले BJP का बड़ा दांव, 4 मंत्रियों समेत 11 सीनियर नेताओं को किया बाहर

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 November 2018, 9:04 IST

राजस्थान चुनावों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को विपक्षी कांग्रेस पार्टी से मजबूत सियासी टक्कर देखने को मिल रही है. चुनावी समीकरणों को देखते हुए राजस्थान में बीजेपी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कैबिनेट से 4 मंत्रियों समेत 11 वरिष्ठ नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया. इसके पीछे मुख्य कारण राजस्थान विधानसभा चुनाव से नामांकन वापस न लेना है. गौरलतब है कि पार्टी चाहती थी की उसके द्वारा चुने गए उम्मीदवारों के पक्ष में ये नेता राजस्थान विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन वापस ले लें. लेकिन इनके इंकार करने पर पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया.

इस बात की जानकारी बीजेपी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके दी, जिसके अनुसार- ''11 बागियों को छह साल तक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से हटा दिया गया है. इनमें से सुरेंद्र गोयल, लक्ष्मीनारायण दवे, राधेशम गंगानगर, हमीसिंह भदान, राजकुमार रिनावा, रामेश्वर भती, कुलदीप धनकड़, दीनदयाल कुमावत, किशनम नाई, धनसिंह रावत और अनिता कटारा हैं.''

ऐसी भी खबरें हैं कि पार्टी के कई बागी नेताओं ने आगामी 7 दिसंबर को होने वाले चुनावों के लिए अपना नामांकन दायर किया था. इतना ही नहीं कई विधायकों ने पार्टी की ओर से टिकट न मिलने पर बीजेपी से इस्तीफा भी दे दिया था.

गौरतलब है कि पार्टी राजस्थान में इस समय बागी नेताओं के कारण मुश्किल में पड़ती दिख रही है. हाल ही में विधायक मानवेन्द्र सिंह ने बीजेपी का साथ छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा है. वहीं बीजेपी से कांग्रेस के पाले में आये पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र को कांग्रेस ने झालरापाटन से टिकट देकर कोंग्रस के उम्मीदवार के रूप में उतारा है.

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गौरतलब है कि बीजेपी ने 2014 में जसवंत सिंह को टिकट नहीं दिया था. ऐसा भी देखा गया है कि मानवेंद्र के मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से रिश्ते बहुत सकारात्मक नहीं थे. इस तनाव के बाद मानवेंद्र ने अक्टूबर में ‘स्वाभिमान' रैली आयोजित की और भाजपा से औपचारिक रूप से अलग होने का फैसला सुनाया. इसी के बाद उन्होंने कांग्रेस के साथ आने का फैसला लिया और पिछले महीने ही कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की.

राजस्थान में बीजेपी के साथ ही कांग्रेस भी बागी नेताओं के सकत से जूझ रही है. ऐसा कहा जा रहा है कि कांग्रेस के भी 40 से बागी नेता हैं, जिनमें चार मंत्री हैं. ये मंत्री राजस्थान चुनाव के मद्देनजर काफी अहम है क्योंकि ये राज्य में जीत की संभावनाओं को प्रभावित कर सकते हैं.

First published: 23 November 2018, 7:41 IST
 
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