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'सरदार पटेल ने देश को एक किया था, एक वर्ग के लिए क्यों लड़ रहे हो हार्दिक?'

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 September 2016, 16:58 IST
(फाइल फोटो)

राजस्थान हाईकोर्ट ने गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल की अपील पर सुनवाई करते हुए उन्हें नसीहत दी. जोधपुर में सुनवाई के दौरान राजस्थान हाईकोर्ट के जज ने सवालिया लहजे में कहा कि सरदार पटेल ने देश को एक किया था, फिर आरक्षण की लड़ाई सिर्फ एक वर्ग के लिए क्यों लड़ रहे हो?

अदालत ने हार्दिक पटेल को नसीहत देते हुए कहा, "अगर कुछ करना ही है, तो देश की एकता के लिए कुछ करो." हार्दिक पटेल की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह टिप्पणी की.

इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई पूरी हो गई. जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास और जस्टिस जीआर मूलचंदानी की बेंच ने याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. हार्दिक पटेल ने राजस्थान सरकार और उदयपुर पुलिस पर नजरबंद करने के आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की थी.

'पटेल की तरह देश के लिए लड़ें'

जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास ने हार्दिक की तरफ से पैरवी कर रहे आईएच सैयद रफीक लोखंडवाला से कहा कि यह सब तो कमजोर वर्ग के लिए होना चाहिए. उन्होंने कहा कि आपको मालूम होना चाहिए कि सरदार पटेल ने ही राजस्थान बनवाया, उन्होंने ही पूरे देश को एक करने में जी जान लगा दी.

जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास ने कहा, "उनके समाज के होकर सिर्फ एक वर्ग विशेष के लिए ही चर्चा करना उचित है क्या? कुछ करना है तो देश की एकता के लिए करना चाहिए."

हार्दिक के वकील आईएच सैयद रफीक लोखंडवाला ने कहा कि गुजरात सरकार की ओर से आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को जारी किया गया आरक्षण गुजरात हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है.

लोखंडवाला ने कहा कि गुजरात सरकार ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया है. इसी सिलसिले में हार्दिक लोगों से मिलकर चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन उसे नहीं मिलने दिया जा रहा है. 

'हार्दिक को किया नजरबंद'

पूर्व सहायक सॉलिसिटर जनरल रह चुके लोखंडवाला और दीपक जेठवानी ने हार्दिक की ओर से पैरवी करते हुए कहा कि गुजरात हाई कोर्ट ने हार्दिक को जमानत देते हुए छह महीने तक गुजरात से बाहर रहने के आदेश दिए हैं.

अदालत को दोनों ने बताया कि उदयपुर में हार्दिक अपने अस्थाई निवास में रह रहे हैं, लेकिन हार्दिक को राजस्थान पुलिस ने नजरबंद कर रखा है. किसी से न तो मिलने दिया जा रहा है और न ही कहीं आने-जाने दिया जा रहा है. 

'हार्दिक को खुला नहीं छोड़ सकते'

वहीं सरकार की ओर से पैरवी करते हुए एएजी डॉक्टर पीएस भाटी और एएजी कांतिलाल ठाकुर ने कहा कि हार्दिक का पिछला रिकॉर्ड देखते हुए उसे खुला नही छोड़ा जा सकता है.

हार्दिक पटेल ने गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन की अगुवाई की थी. इस दौरान आंदोलन के हिंसक रूप अख्तियार करने से कई लोगों की मौत होने के साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा था.

राज्य सरकार के वकील ने कहा कि दोबारा इस तरह की वारदात नहीं हो, इसलिए सरकार सावधानी बरत रही है. साथ ही आंदोलन की वजह से हार्दिक के कई शत्रु हो गए हैं, इस वजह से उनकी सुरक्षा भी करनी पड़ रही है.

First published: 6 September 2016, 16:58 IST
 
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