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राजस्थान: एकल पट्टा मामले में पूर्व आईएएस जीएस संधू का सरेंडर

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 May 2016, 23:08 IST

राजस्थान के एकल पट्टा मामले में फरार चल रहे पूर्व आईएएस अफसर जीएस संधू ने आखिरकार गुरुवार को जयपुर की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. एसीबी कोर्ट ने संधू को 25 मई तक जेल भेजने के आदेश दे दिए हैं. 

संधू ने कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई है, जमानत पर अब  शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई होगी. चौंकाने वाली बात है कि जीएस संधू के सरेंडर करने के बाद ही एसीबी की टीम कोर्ट पहुंची. पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट की ओर से जमानत की याचिका खारिज किए जाने के बाद से जीएस संधू का सरेंडर करना तय माना जा रहा था.

क्या है एकल पट्टा मामला ?

गौरतलब है कि गणपति कंस्ट्रक्शन नाम की एक फर्म की पांच हजार गज जमीन पर अधिकारियों ने सिर्फ एक रुपए में पट्टा जारी कर दिया था. 

एसीबी ने गलत दस्तावेज पेश करने और नगरीय शासन विभाग (यूडीएच) और जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के अधिकारियों से मिलीभगत करने के आरोप में प्रोपराइटर शैलेंद्र को गिरफ्तार किया था.

यह पट्टा आरएएस निष्काम दिवाकर की रिपोर्ट पर दिया गया था. पट्टा देने वाली फाइल पर पूरी कार्रवाई 2010 तक कर दी गई थी. इसी मामले में संधू लंबे समय से फरार चल रहे थे.

इस पूरे मामले में एसीबी की जांच में सामने आया था कि शैलेन्द्र गर्ग ने 2009 में गणपति कंस्ट्रक्शन कंपनी को एकल पट्टा जारी करने के लिए आवेदन किया था. 

इसमें कंपनी ने बताया था कि सभी भूखंडधारियों ने उनके प्लॉट समर्पित कर दिए हैं. उनके लिए फ्लैट बनाए जाने हैं. ऐसे में एकल पट्टा दिया जाए.

जोन उपायुक्त ओंकार सैनी ने जेडीसी की राय लिए बिना ही फाइल को यूडीएच भेज दिया था. यूडीएच के तत्कालीन नगर नियोजक के पास फाइल पहुंची तो उन्होंने विधि परामर्श से राय लिए जाने के बाद ही पट्टा जारी करना उचित माने जाने की टिप्पणी की.

फाइल जब तत्कालीन उप सचिव निष्काम दिवाकर के पास गई तो उन्होंने राय लिए बगैर ही स्वीकृति के लिए फाइल जीएस संधू के पास भेज दी. इसके बाद संधू ने कंपनी के प्रोपराइटर शैलेन्द्र गर्ग के नाम से एकल पट्टा जारी करने के आदेश दे दिए थे. एकल पट्‌टा पर सरकार की रोक थी.

अब तक दो लोगों की मौत

2005 से अब तक चल रहे इस मामले में दो लोगों की मौत हो चुकी है. अब तक भीमसेन गर्ग और संजय बोहरा की मौत हो चुकी है. वहीं मुख्य अभियुक्तों में शामिल ओंकार मल सैनी फरार चल रहे हैं. सैनी की तलाशी के लिए एसीबी छापेमारी कर रही है.

इससे पहले एकल पट्टा मामले में जीएस संधू ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी, जो खारिज हो गई थी. 

एकल पट्टा मामले में मुख्य आरोपी शैलेंद्र गर्ग पहले से ही जेल में है. इनके अलावा यूडीएच के तत्कालीन  उपसचिव निष्काम दिवाकर भी जेल में है. 

तत्कालीन यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल से भी एसीबी पिछले दिनों दो बार पूछताछ कर चुकी है, हालांकि चार्जशीट में सीधे तौर पर धारीवाल का नाम नहीं होना बताया जा रहा है.  अशोक गहलोत सरकार में धारीवाल यूडीएच के साथ ही गृह मंत्री भी थे.

First published: 12 May 2016, 23:08 IST
 
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