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माता-पिता बेटों की पढ़ाई के लिए करते थे रात भर सिलाई का काम, भाईयों ने पास की IAS की परीक्षा

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 April 2019, 10:10 IST
Pankaj And Amit IAS

सपने देखकर उन्हें साकार करने जज्बा लेकर चलना और उन्हें साकार कर लेना बहुत बड़ी बात होती है और ऐसा ही कुछ राजस्थान के झुंझुंनू के रहने वाले पंकज कुमावत और अमित कुमावत के साथ तब हुआ, जब उनका सेलेक्शन सिविल सेवा की परीक्षा में 443वीं और 600वीं रैंक हासिल कर लिया. अपने बेटों की खबर पाते ही पिता सुभाष कुमावत का सीना चौड़ा हो गया और आंखों से खुशी के आंसू झलक पड़े. सुभाष जो कि पेशे से टेलर हैं और उनकी पत्नी राजेश्वरी देवी तुरपाई करती हैं.

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पंकज और अमित दोनों ने आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है और पंकज ने नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करना भी शुरू कर दिया था. दोनों भाईयों का सपना सिविल सेवा की परीक्षा को पास करना था लेकिन परिवार के सामने पैसों की चुनौती पहाड़ बनकर खड़ी थी. जिसके लिए पिता सिलाई का काम करते थे और मां रातभर जागकर तुरपाई का काम करती थीं.

अखबरा से बातचीत के दौरान पंकज और अमित ने बताया, हम दोनों ही भाईयों के लिए पढ़ना आसान था लेकिन हमारे माता-पिता के लिए पढ़ाना कठिन था. हालांकि, हमारे माता-पिता हम दोनों ही भाईयों से हमेशा कहते थे कि पढ़कर बड़ा आदमी बनना है. सिविल सेवा का सपना हमारे माता-पिता ने देखा था जिसे हम दोनों ने मिलकर पूरा किया है. ये सिर्फ हम ही जानते हैं कि हमारी पढ़ाई के दौरान कितना मुश्किल था फीस,बुक्स और सभी चीजों का इंतजाम करना.

तैयारी कर रहे लोगों को टिप्स-

पंकज और अमित ने कहा, हमारे माता-पिता हमारी सफलता के लिए बड़े सपने देखते हैं और हमें उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करना चाहिए. अगर मेहनत करें तो सफलता आपको मिल ही जाती है. कभी भी अपनी मेहनत के आगे अपने परिवार की दिक्कतों और नेगेटिव चीजों को ना आने दें.

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First published: 8 April 2019, 10:10 IST
 
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