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पत्रकार राजदेव हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट का आदेश, 90 दिन में जांच पूरी करे सीबीआई

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 October 2016, 15:34 IST
(कैच)

बिहार के सीवान में हुई पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सोमवार को कई अहम आदेश जारी किए.

सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि हत्या के इस मामले में छह अभियुक्तों को अभी जमानत किसी सूरत में नहीं मिलेगी. इसके अलावा अदालत ने हत्याकांड की जांच को लेकर भी सख्त आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि सीबीआई तीन महीने के अंदर अपनी तफ्तीश पूरी करे.

सीवान सेशन जज से मांगी रिपोर्ट

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने दूसरे आदेश में कहा है कि सीवान के सेशन जज रिपोर्ट दाखिल कर बताएं कि शहाबुद्दीन और तेज प्रताप को समारोह में गुलदस्ता देने वाले फोटो के वक़्त आरोपी मोहम्मद कैफ और मोहम्मद जावेद को क्या भगोड़ा घोषित किया गया था या गैर जमानती वारंट जारी हुआ था.

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को स्टेट्स रिपोर्ट भी दाख़िल करने का आदेश दिया है. हालांकि सुनवाई के दौरान बिहार सरकार ने मंत्री तेजप्रताप यादव के बचाव में सफाई दी.

बिहार सरकार की तरफ से कहा गया, "जब अभियुक्त की फोटो शहाबुद्दीन और तेजप्रताप यादव के साथ आई तब आरोपी के खिलाफ कोई गैर जमानती वारंट नहीं हुआ था. तेजप्रताप और शहाबुद्दीन ने कहा है कि वह एक पब्लिक समारोह में आरोपियों से मिले थे और यह सब अचानक था."

अगली सुनवाई 28 नवंबर को

वहीं जब सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार के वकील से पूछा कि मामले में किस धारा के तहत चार्जशीट दाखिल हुई तो वे साफ जवाब नहीं दे सके. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए केस दिल्ली ट्रांसफर करने की चेतावनी दी. इस मामले में अब अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी.

पत्रकार राजदेव रंजन की पत्नी आशा रंजन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए ये आदेश दिए. याचिका में केस को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की गई है. 

इसके अलावा आरोपी को शरण देने के मामले में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव और आरजेडी नेता शहाबुद्दीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है. तेज प्रताप ने सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार किया है कि उन्होंने कैफ से बुके लिया था. हालांकि उन्होंने मामले में किसी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है.

शहाबुद्दीन और तेजप्रताप यादव के साथ मोहम्मद कैफ की इन्हीं तस्वीरों पर विवाद खड़ा हुआ था.

बिहार से बाहर सुनवाई का विरोध

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दोनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. वहीं बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल कर राजदेव हत्याकांड की सुनवाई बिहार से बाहर ट्रांसफर करने का विरोध किया है.

शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाब में बिहार सरकार ने कहा है कि इस मामले की सुनवाई बिहार में ही होनी चाहिए. बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए है.

इसके अलावा जवाब में बिहार सरकार ने यह भी कहा कि सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और वे सीबीआई को जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन और तेजप्रताप यादव को नोटिस जारी करते हुए पूछा था कि क्यों ना उनके खिलाफ आरोपियों को शरण देने का केस चलाया जाए.

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के एक मामले में शहाबुद्दीन की जमानत रद्द कर दी थी, जिसके बाद उन्हें दोबारा जेल जाना पड़ा.

First published: 17 October 2016, 15:34 IST
 
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